डेस्कः बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निगरानी की टीम ने सोमवार को वैशाली जिले के पातेपुर थाना में तैनात एक दारोगा (सब-इंस्पेक्टर) को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार गया।
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद फूट-फूट कर रोने लगे मंत्री अशोक चौधरी, JDU के अंदर पसरा सन्नाटा
निगरानी विभाग के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सत्येंद्र राम ने बताया कि परिवादी चंदन कुमार ने ब्यूरो में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।शिकायत के अनुसार, पातेपुर थाना कांड संख्या 84/26 और 85/26 (काउंटर केस) में अनुसंधानकर्ता दारोगा अखिलेश सिंह केस डायरी लिखने और मामले को रफा-दफा करने के बदले 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे।
नेपाल में छात्र राजनीति पर प्रतिबंध, 5वीं तक कोई परीक्षा भी नहीं, प्रधानमंत्री बालेन शाह की कैबिनेट ने किये बड़े बदलाव
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन कराया। आरोप सही पाए जाने पर 10 सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई।इसका नेतृत्व डीएसपी सत्येंद्र राम कर रहे थे। टीम में सुनील कुमार सिंह, रवि कुमार और रितेश कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।सोमवार को जैसे ही दारोगा अखिलेश सिंह ने परिवादी से रिश्वत की राशि ली, पहले से घात लगाकर बैठी टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।


