रांचीः झारखंड में हुए ट्रेजरी घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने ईसीआईआर दर्ज कर लिया है। इस ईसीआर में रांची, हजारीबाग और बोकारो ट्रेजरी में वेतन के बदले हुए फर्जी निकासी के मामले में ईसीआईआर दर्ज किया गया है। ईडी द्वारा ईसीआईआर दर्ज करने के बाद इस मामले में गलत तराके से पैसा निकालकर वापस लौटाने वाले डीएसपी रैंक के अधिकारियों की मुसीबत बढ़ सकती है।
झारखंड में हुए ट्रेजरी घोटाले को लेकर गठित एसआईटी ने इस मामले में अबतक 12 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। आपको बता दें कि प्रधान महालेखाकार चंद्र मौली सिंह ने ट्रेजरी की जांच के दौरान पुलिस महकमे द्वारा वेतन मद में फर्जी निकासी करने की सूचना वित्त विभाग को भेजी थी। पहले भेजी गई सूचना में सिर्फ बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी से हुई फर्जी निकासी की सूचना दी गई।
इस सूचना के बाद राज्य सरकार द्वारा जिला स्तर पर वेतन की मद में निकाली गई राशि के जांच का आदेश दिया गया। इसके साथ ही उच्चस्तरीय जांच के लिए उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया। उच्चस्तरीय समिति फिलहाल बोकारो ट्रेजरी से लिये गये दस्तावेज की जांच पड़ताल कर रही है। सरकार ने उच्चस्तरीय समिति को सिर्फ दो ही जिलों में हुए फर्जी निकासी के जांच का आदेश दिया है। इस बीच प्रधान महालेखाकर ने राज्य सरकार को दूसरा पत्र भेजकर झारखंड के कुल 12 ट्रेजरी से वेतन मद में हुए निकासी की सूचना दी है। इसके साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग में भी फर्जी निकासी की आशंका जताई है। इस सूचना के आधार पर वित्त विभाग ने संबंधित जिलों के जांच का आदेश दिया है।
राज्य सरकार के आदेश पर वेतन मद में ट्रेजरी से हुई फर्जी निकासी मामले में दर्ज प्राथमिकी की जांच के लिए एसआईटी का भी गठन किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के तहत अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। रांची में दर्ज प्राथमिकी के आलोक में पशुपालन विभाग के लेखपाल मुनिंद्र कुमार और उनके करीबी संजीव कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।


