रांचीः झारखंड में 48 नगर निकायों में सोमवार सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू हुई। कहीं वोटरों में उत्साह दिखा तो कहीं वोटिंग सुस्त रही। आम से लेकर खास लोगों ने कतार में लगकर मतदान किया। झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मुख्यमंत्री के साथ उनकी पत्नी और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने भी कतार में लगकर मतदान किया। इसके अलावा मंत्री इरफान अंसारी और शिल्पी नेहा तिर्की ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
आज झारखंड में नगर निकाय चुनाव हो रहा है। मैंने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
आप सभी से अपील है कि अपने-अपने केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें।
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— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) February 23, 2026
झारखंड में 48 निकायों में वोटिंग शुरू, 43 लाख से अधिक वोटर चुनेंगे नगर की सरकार

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सोमवार को नगर निकाय चुनाव के अंतर्गत श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान, रांची स्थित मतदान केंद्र पर जाकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि मतदान लोकतंत्र का एक अनिवार्य एवं सशक्त अंग है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपने मताधिकार का अवश्य प्रयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने नागरिकों से स्वेच्छा एवं निष्पक्ष रूप से मतदान कर ऐसे जनप्रतिनिधियों का चयन करने का आग्रह किया, जो क्षेत्र, शहर एवं प्रदेश के समग्र विकास के प्रति संवेदनशील तथा प्रतिबद्ध हों।
शहरी क्षेत्र में निवास करने वाले सभी मतदाताओं से अपील है कि आज हो रहे नगर निकाय चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें...
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— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) February 23, 2026

झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने रांची नगर निगम चुनाव के लिए अपना मतदान कर दिया है। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने संत अजय मिडिल स्कूल, दहिसोत बनहोरा के मतदान केंद्र संख्या 6 पर अपना मतदान किया। मंत्री ने आम जनता से निकाय चुनाव में बढ़चढ़ कर भाग लेने और मतदान करने की अपील की है। उन्होंने मतदान के बाद अपनी तस्वीर जारी करते हुए कहा है कि शहर की सरकार चुनने का ये लोकतांत्रिक माध्यम है। लोकतंत्र के इस महा पर्व में भाग लेकर अपने क्षेत्र के लिए शिक्षित, अनुभवी, दूरदर्शी और विकसित शहर बनाने की सोच रखने वाले जन प्रतिनिधि का चुनाव करें।

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने जामताड़ा के वार्ड 13 में वोट देने को कतार में खड़े होकर वोट किया।

जुगसलाई के वार्ड 9 सेंट जॉर्ज स्कूल में पहुंची मेयर प्रत्याशी नौशीन खान ने कहा कि यहां कई मतदाताओं के नाम गायब हैं, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। मेयर प्रत्याशी का दावा है कि जुगसलाई मे लगभग 3000 से 4000 वोट कट गए हैं।

धनबाद नगर निगम के वार्ड संख्या आठ के बूथ संख्या 8/5 एकडा प्राथमिक विद्यालय और 8/8 बासुदेव गांधी स्मृति उच्च विद्यालय में वार्ड 9 के मतदान पर्ची पर मतदान कराने पर मतदाताओं ने हंगामा किया। एक मतदाता ने जब मतदान पर्ची देखा तो पाया कि चुनाव चिन्ह तो सही है, लेकिन प्रत्याशी का नाम गलत अंकित है। उस मतदाता के हंगामा किए जाने पर थोडी देर के लिए मतदान रुक गया। हालांकि उक्त बैलेट पेपर 37 मतदाता मतदान कर चुके थे, हालांकि उसी वैलेट पेपर 1 से 12 तक चुनाव चिन्ह और प्रत्याशी का नाम सही था। भोला विश्वकर्मा नामक मतदाता ने बताया कि जब वह मतदान करने के लिए गया तो उसे जो वोट डालने के लिए मतदान पर्ची मिला तो देखा कि उसमें चुनाव चिन्ह तो सही है, लेकिन चुनाव चिन्ह के सामने प्रत्याशी का नाम गलत अंकित है। गलती पकड़े जाने के बाद लोगों को पता चला कि वार्ड आठ में वार्ड 9 के मतदान पर्ची पर मतदान हो रहा था। इसी प्रकार एकड मध्य विद्यालय में भी गलती पकड़े जाने पर उक्त वेलैट पेपर से मतदान को रोक दिया गया। वहां भी 14 मतदाता मतदान कर चुके थे। हालांकि इसके अलावा और मतदान केंद्रों पर इस तरह की गड़बडिय़ां पाई गई। प्रीजाइडिंग आफिसर विश्वजीत मांजी ने बताया कि 50 - 50 वोल्म के दो वेलैट पेपर में इस तरह की गडबड़ी पाई गई है। उन्होंने बताया कि वेलैट पेपर की प्रिंटिंग के दौरान हुई गलती के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। उन्होंने बताया कि 1से 11 तक वार्ड संख्या 8 लिखा था, बाकी 12 से 37 तक के पर्ची वार्ड संख्या 9 लिखा हुआ था। यदि शुरू में वार्ड संख्या 9 लिखा हुआ तो गलत पर्ची पर मतदान नहीं होने देते।

धनबाद के वार्ड 22 के सुसनीलेवा स्थित बूथ संख्या 58 पर शिल्पी सिंह और सुमन सिंह के समर्थकों के बीच जमकर बवाल हुआ। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि नौबत मारपीट तक पहुंच गई। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा शिल्पी सिंह के समर्थक दो भाइयों राज आनंद और वीरु आनंद पर फूट पड़ा। ग्रामीणों ने दोनों को पकड़ लिया और लात-घूंसों से उनकी जमकर पिटाई की। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। हंगामे और मारपीट की सूचना मिलने पर सर्किल इंस्पेक्टर सीमा कुमारी तुरंत मौके पर पहुंचीं। पुलिस को आता देख और ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता देख राज आनंद और वीरु आनंद किसी तरह वहां से अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहे। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। डीएसपी मुख्यालय शंकर कमती और बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार मौके पर पहुंच कर मामले की जानकारी ली।
गुमला जिले के वार्ड नंबर चार में स्थित अंबेडकर नगर स्थित मतदान केंद्र में पुलिस के दखल के बाद भी बूथ के बाहर रुक-रुक कर हंगामा और आपसी नोकझोंक की स्थिति बनी रही। हालात को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है।इसके बाद मतदान प्रक्रिया दोबारा सामान्य रूप से आगे बढ़ सकी है। हालांकि पूरे जिले में डीसी और एसपी के संग अन्य प्रशासनिक अधिकारी घूम घूम कर मतदान केंद्रों का जायजा ले रहे हैं। इस दौरान वे सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ पेयजल, स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति समेत अन्य सुविधाओं की भी समीक्षा कर रहे हैं। ज्यादातर जगहों शांतिपूर्ण मतदान देखने को मिल रहा है।
दूसरी घटना बोकारो की है, जहां चास स्थित भोजपुर कॉलोनी क्षेत्र में बोगस वोटिंग के आरोप ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। दरअसल यहां तीन महिलाओं को फर्जी मतदान के संदेह में हिरासत में लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वयं पुलिस अधीक्षक और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। हिरासत में ली गयी महिलाओं से पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह की गड़बड़ी या कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कोडरमा नगर पंचायत डोमचांच के दो वार्डो में चुनाव बहिष्कार की घोषणा का असर मतदान के दिन साफ नजर आया। मतदान के दिन सोमवार सुबह 10 बजे तक वार्ड संख्या 11 में महज सात वोट पड़े, जबकि वार्ड संख्या 5 में एक भी मतदाता मतदान केंद्र तक नहीं पहुंचा। वार्ड 11 में पड़े वोटों में अधिकांश बूथ लेवल पदाधिकारी एवं सरकारी कर्मियों के बताए जा रहे हैं। गौरतलब है कि इन दोनों वार्डों से वार्ड पार्षद पद के लिए किसी भी उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया था। ऐसे में यहां केवल अध्यक्ष पद के लिए मतदान हो रहा है। पार्षद पद पर प्रत्याशी नहीं होने से मतदाताओं में उत्साह का अभाव साफ दिखा और मतदान केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा।




