- Advertisement -
nashacm1nashacm1
- Advertisement -
nashacmaadnashacmaad
- Advertisement -
krishi vyapar mela 2026

हेमंत सोरेन से सरना समाज के लोगों ने की मुलाकात, मुख्यमंत्री ने कहा- पेसा लागू होने से स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था होगी मजबूत

Picture of Live Dainik

Live Dainik

December 26, 2025

हेमंत सोरेन से सरना समाज के लोगों ने की मुलाकात, मुख्यमंत्री ने कहा- पेसा लागू होने से स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था होगी मजबूत

रांचीः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुकवार को उनके कांके रोड़ स्थित आवास पर केंद्रीय सरना समिति, राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा एवं आदिवासी बालक-बालिका छात्रावास रांची के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ने राज्य सरकार द्वारा पेसा नियमावली (पंचायत उपबंध, अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार अधिनियम) को मंत्रिपरिषद से मंजूरी दिए जाने को लेकर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के प्रति आभार व्यक्त किया तथा सहृदय उन्हें धन्यवाद् ज्ञापित किया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य ढोल-नगाड़ों की गूंज के साथ मुख्यमंत्री आवासीय परिसर पहुंचे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे विगत दो दिनों से शहर, गांव तथा कस्बों सहित राज्य विभिन्न क्षेत्रों से लोगों की भावनाओं एवं उनके उत्साह की जानकारी मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सबको यह मालूम है कि झारखंड के आदिवासी-मूलवासी, यहां की जल, जंगल, जमीन तथा सभ्यता-संस्कृति को संरक्षित करने को लेकर हमारे पूर्वजों ने कितना संघर्ष किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समय-समय पर इस राज्य में कई नियम तथा कायदे-कानून बने। कुछ कायदे-कानून यहां के आदिवासी एवं मूलवासियों के हक में रहे लेकिन कई चीजे विरोध में भी रहीं, परंतु जो कायदे-कानून विरोध में रहे उसे ठीक करने के लिए भी पुरजोर संघर्ष हमारे पूर्वजों ने किया।

WhatsApp Image 2025 12 26 at 9.10.55 PM

लोहरदगा में ACB की बड़ी कार्रवाई : सेन्हा प्रखंड में पंचायत सचिव सुरेंद्र गुप्ता रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
झारखंड बलिदानियों की धरती
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड की सभ्यता-संस्कृति के साथ – साथ जल, जंगल, जमीन को बचाने के लिए हमारे कई वीर सपूतों ने अपना बलिदान दिया। हमारे पूर्वजों को न जाने कितनी प्रताड़नाएं झेलनी पड़ी, लेकिन झारखंड में संघर्ष का दौर कभी खत्म नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने अलग झारखंड राज्य की परिकल्पना की। हमारे अग्रणी नेताओं की लम्बी लड़ाई और आंदोलन के बाद अंततः वर्ष 2000 में झारखंड राज्य बना। राज्य गठन के बाद झारखंड ने अब तक कई उतार-चढ़ाव देखे। यहां के आदिवासी एवं मूलवासियों के हक-अधिकार पर सेंधमारी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतोगत्वा आप सभी ने मुझे इस राज्य की बागडोर को संभालने की जिम्मेदारी सौंपी। मुझे आप सभी लोगों का निरंतर आशीर्वाद और स्नेह मिलता आ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने जो जिम्मेदारी मुझे दी उस जिम्मेदारी को निभाने के लिए भी काफी जद्दोजहद करना पड़ा। लेकिन आप सभी के आशीर्वाद और स्नेह तथा राज्यहित में काम करने के सच्ची नियत से हमारा कारवां आगे बढ़ता रहा, अंततः सच्चाई की जीत हुई। आज आप सभी के सहयोग से झारखंड निरंतर मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है।
जनजातीय स्वशासन, सम्मान और सांस्कृतिक धरोहर की संरक्षा प्राथमिकता
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड में पंचायत मजबूत हो इस हेतु हमारी सरकार कृत संकल्पित है। जनजातीय स्वशासन, सम्मान और सांस्कृतिक धरोहर की संरक्षा की दिशा में पेसा कानून को हमारी सरकार ने मंजूरी दी है। राज्य में पेसा कानून के लागू होने से जनजातीय क्षेत्र की ग्राम सभाओं को निर्णय लेने का अधिकार सहित कई शक्तियां प्राप्त होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में आदिकाल से निवास करने वाले जनजातीय समुदाय हमारी सभ्यता-संस्कृति की आत्मा हैं। उनके अधिकार, स्वाभिमान और स्वशासन को मजबूत करने वाला यह पेसा कानून आने वाले समय में समाज और राज्य के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

See also  पश्चिम बंगाल सरकार ने सील किया बॉडर, रोक दी झारखंड के मालवाहक गाड़ियों की एंट्री

झारखंड में बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कनकनी, गुमला में पारा 2.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
पेसा कानून की जानकारी सभी को रखने की आवश्यकता
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि 25 वर्ष का यह युवा झारखंड मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। हमारी सरकार ने महज कुछ ही दिनों पहले यहां के लगभग 10 हजार नौजवानों को सरकारी नियुक्ति देने का कार्य किया है। आने वाले समय में भी नियुक्तियों के साथ-साथ रोजगार के विभिन्न साधनों का सृजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने गहन चिंतन और मंथन के बाद पेसा नियमावली को कैबिनेट से पास करने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि जो नियम और कायदे बनाए जाते हैं इसकी जानकारी भी आप सभी को रखनी होगी तभी इन नियम और कायदों का लाभ विकास की राह में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकेगा।

See also  मंत्री आलमगीर आलम गिरफ्तार, टेंडर कमीशन में ईडी ने किया अरेस्ट, मेडिकल जांच के लिए टीम पहुंची, कल होगी कोर्ट में पेशी

WhatsApp Image 2025 12 26 at 9.10.08 PM

भारत का संविधान अब संताली भाषा में भी, राष्ट्रपति द्रौपर्दी मुर्मू ने किया जारी
गांव मजबूत होगा तभी राज्य मजबूत होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ ऐसे तत्व हैं जो हमारे ग्रामीणों को दिग्भ्रमित करने की कोशिश करते हैं , इसलिए नीतियों की जानकारी सभी के पास होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हमारे सीधे-साधे लोगों को ठगा और छला जाता है उन्हें संरक्षित कर उनका हक-अधिकार उन तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हमारी सरकार गांव की सरकार है। गांव मजबूत होगा तभी राज्य मजबूत होगा। आज आप सभी लोग यहां ढोल-नगाड़ों के साथ काफी उत्साह पूर्वक अपनी भावनाओं का संप्रेषण कर रहे हैं। आप सभी की यह भावना और उत्साह मुझे और अधिक उत्साह तथा शक्ति के साथ काम करने की ताकत देती है। आप सभी का मैं तहे दिल से आभार प्रकट करता हूं कि आपका आशीर्वाद मुझे निरंतर मिलता रहा है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष अजय तिर्की, सचिव रूपचंद केवट, मुन्ना मिंज, सदस्य प्रकाश अंश, अजय कच्छप, राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा के महासचिव जलेश्वर उरांव, केंद्रीय कोषाध्यक्ष बिरसा उरांव, केंद्रीय उपाध्यक्ष सोमे उरांव, अध्यक्ष जिला समिति सोमदेव उरांव, संरक्षक सुधु भगत एवं आदिवासी बालक-बालिका छात्रावास रांची के प्रतिनिधि सहित सैकड़ो की संख्या में लोग उपस्थित थे।

See also  अजय कुमार बने रामगढ़ के नये SP, रविवार रात विमल कुमार पुलिस अधीक्षक पद से हटा दिया गया था
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now