रांचीः निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे को बुधवार को दोहरा झटका लगा है। झारखंड शराब घोटाले में विनय चौबे और अन्य आरोपियों के खिलाफ ईडी ने पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया है। इस केस को एसीबी ने विनय चौबे को गिरफ्तार किया था। हालांकि वर्तमान में चार्जशीट दायर नहीं होने कोर्ट ने आरोपियों को जमानत दे दी है। अब ईडी पीएमएलए कोर्ट से इस मामले में अनुमति लेने पर पूछताछ करेगी। शराब घोटाले में आरोपियों पर पद का दुरुपयोग कर राज्य सरकार को 38 करोड़ रुपये का नुकसान करने का आरोप है।
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वहीं दूसरी ओर विनय चौबे की हजारीबाग निगरानी कोर्ट ने वन भूमि घोटाले में जमानत याचिका खारिज कर दी है। सोमवार की सुनवाई के दौरान अदालत ने एसीबी के विशेष लोक अभियोजक और विनय चौबे के अधिवक्ता की बहस एवं दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था। यह जानकारी आरोपी विनय चौबे के अधिवक्ता शंकर बनर्जी ने दी है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय सह विशेष न्यायालय (निगरानी) श्रीमती आशा देवी भट्ट के कोर्ट में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष की बहस को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसले पर आदेश के लिए तीन दिसंबर की तिथि निर्धारित की थी। बचाव पक्ष की ओर से बहस अधिवक्ता शंकर बनर्जी ने की थी।यह मामला निगरानी वाद संख्या 11/25 से संबंधित है।इस मामले में ACB ने पूछताछ के लिए उन्हें रिमांड पर भी लिया था। रिमांड पर लेने के बाद उनसे विस्तार से पूछताछ की गई है। मामला हजारीबाग डीसी रहते हुए भूमि घोटाला में शामिल रहने से संबंधित है।
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आरोपी विनय चौबे की जमानत याचिका की दिनांक 14.11.2025 को दायर की गई थी। जिसमें एसीबी हजारीबाग कोर्ट में पहली सुनवाई 17.11.2025 को हुई थी। जहां कोर्ट ने अभियोजन पक्ष से केस डायरी की मांग की थी। केस डायरी के आ जाने के बाद उसका अवलोकन करते हुए और अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष दोनों को सुनने के बाद कोर्ट ने आदेश के लिए अगली तिथि निर्धारित की थी।



