डेस्कः अक्सर आपने फिल्मों में रेड लाइट एरिया को हमेशा ग्लैमरस, चमचमाती लाइट्स और लग्जरी से सजाया हुआ देखते हैं। लेकिन असलियत कुछ और ही होती है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एम्स्टर्डम के रेड लाइट डिस्ट्रिक्ट के ब्रोथेल रूम का असली नजारा दिखाया गया। वीडियो बनाने वाली लड़की कोई आम पर्यटक नहीं, बल्कि खुद एक लीगल ब्रोथेल की मैनेजर है। कैथरीन डी नोयर ने इस एजुकेशनल वीडियो में प्रॉस्टिट्यूट्स के रियल कंडीशंस को खोलकर रख दिया, जिसने लाखों लोगों के होश उड़ा दिए।
कैथरीन, 31 साल की पीएचडी स्टूडेंट हैं, जो ऑर्गेनाइजेशनल साइकोलॉजी पढ़ रही है। वो यूरोप के सबसे बड़े लीगल ब्रोथेल्स में से एक को मैनेज करती है, जहां 100 से ज्यादा रूम हैं। उनका इंस्टाग्राम पर 67 हजार फॉलोअर्स हैं, जहां वो सेक्स इंडस्ट्री की सच्चाई शेयर करती हैं। वीडियो का कैप्शन है, “क्या आप जानना चाहते हैं कि एम्स्टर्डम के असली ब्रोथेल रूम कैसे दिखते हैं? मेरे पास ये यूनिक ऑपर्च्युनिटी थी कि मैं इसे फिल्म कर सकूं और आपके लिए एजुकेशनल वीडियो बना सकूं!” ये अब तक लाखों व्यूज बटोर चुका है।
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अंदर से ऐसे हैं कमरे
वीडियो में कैथरीन ब्रोथेल रूम के अंदर घूमती नजर आती है। रूम छोटे लेकिन फंक्शनल हैं – एक बेड, मिनीबार, शावर एरिया और रेड लाइटिंग। लेकिन शॉकिंग पार्ट ये कि हर रूम में पैनिक बटन इंस्टॉल है, जो सिक्योरिटी टीम को 8 सेकंड में अलर्ट कर देता है। कैथरीन बताती हैं, “सेफ्टी हमारी टॉप प्रायोरिटी है। महिलाएं इंडिपेंडेंट कॉन्ट्रैक्टर्स हैं, मैं सिर्फ स्पेस और सिक्योरिटी देती हूं। वो खुद प्राइस और सर्विसेस डिसाइड करती हैं।” लेकिन वो ये भी खोलती हैं कि ग्लैमर के पीछे हार्ड रियलिटी है – लोनलीनेस, फिजिकल इंटिमेसी की कमी और फैंटसी एक्सप्लोर करने वाले क्लाइंट्स।
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बेहद मशहूर है ये रेड लाइट एरिया
एम्स्टर्डम का डी वॉलेन रेड लाइट डिस्ट्रिक्ट दुनिया का सबसे फेमस है, जहां सेक्स वर्क 2000 से लीगल है। यहां विंडो ब्रोथेल्स में महिलाएं ग्लास के पीछे खड़ी रहती हैं, लेकिन कैथरीन का ब्रोथेल क्लब स्टाइल है। इन जगहों से जुड़ा सबसे शॉकिंग फैक्ट है कि ज्यादातर क्लाइंट्स मैरिड मेन होते हैं, जो लोनलीनेस से त्रस्त हैं। कैथरीन कहती हैं, “फैंटसी में कोई ‘नॉर्मल’ नहीं होता। लोग क्रिएटिव होते हैं, लेकिन रिस्पेक्ट जरूरी है।”
कैथरीन का वीडियो सिर्फ टूर नहीं, बल्कि एजुकेशनल है। वो बताती हैं कि लीगल सिस्टम डिग्निटी देता है, जबकि इल्लीगल जगहों पर एक्सप्लॉइटेशन होता है। महिलाएं दिन भर के लिए 173 पाउंड (करीब 19 हजार रुपये) रूम रेंट पर लेती हैं और बाकी कमाई उनकी होती है।
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