सोनम वांगचुक के संपर्क में था पाकिस्तान का जासूस, डीजीपी बोले- सीमा पार भेजे थे वीडियो

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September 28, 2025

सोनम वांगचुक गिरफ्तार, लेह हिंसा के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत केंद्र ने की बड़ी कार्रवाई

डेस्कः लद्दाख के पुलिस महानिदेशक एस.डी. सिंह जामवाल ने कहा कि कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के विरोध-प्रदर्शनों के वीडियो सीमा पार भेजने वाले एक पाकिस्तानी खुफिया एजेंट की पिछले माह हुई गिरफ्तारी के संदर्भ में, पुलिस वांगचुक के पाकिस्तान से कथित संबंधों की जांच कर रही है। जामवाल ने सोनम वांगचुक को बुधवार को हुई हिंसा का जिम्मेदार बताया। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। वांगचुक को शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत में लेकर राजस्थान के जोधपुर की एक जेल में भेज दिया गया।

जामवाल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘जांच (वांगचुक के खिलाफ) में क्या पाया गया है, यह अभी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। प्रक्रिया जारी है। अगर आप उनका यूट्यूब पर उपलब्ध प्रोफाइल और इतिहास देखें, तो उनके भाषण लोगों को उकसाने वाले प्रतीत होते हैं, क्योंकि उन्होंने अरब क्रांति और नेपाल, बांग्लादेश एवं श्रीलंका में हाल की अशांति का जिक्र किया था।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘उनका (वांगचुक का) अपना एक एजेंडा था। उनके खिलाफ विदेशी चंदा और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के उल्लंघन की जांच जारी है। एक पाकिस्तानी खुफिया एजेंट हमारी हिरासत में है, जो वांगचुक के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के वीडियो सीमा पार भेज रहा था।’’

उन्होंने बताया कि पुलिस ने वांगचुक के साथ संपर्क में रहने वाले पाकिस्तान के एक जासूस को भी कुछ समय पहले गिरफ्तार किया था। उसने वांगचुक के विरोध प्रदर्शनों के वीडियो सीमा पार भेजे थे। डीजीपी ने वांगचुक की पाकिस्तान व बांग्लादेश की यात्राओं की जांच करने की भी जानकारी दी।

पुलिस प्रमुख ने वांगचुक की कुछ विदेश यात्राओं को संदिग्ध बताते हुए कहा, ‘‘उन्होंने पाकिस्तान में द डॉन (पाकिस्तानी समाचार पत्र) के एक कार्यक्रम में भाग लिया और बांग्लादेश भी गए।’’ वांगचुक, लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और केंद्रशासित प्रदेश को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर ‘लेह एपेक्स बॉडी’ और ‘करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस’ द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का मुख्य चेहरा रहे हैं।

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जामवाल ने कहा कि वांगचुक ने आंदोलन के मंच को अपने नियंत्रण में लेने और केंद्र सरकार व लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच जारी संवाद को कमजोर करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने लद्दाख के नेताओं को छह अक्टूबर को बातचीत के एक नए दौर के लिए आमंत्रित किया है।

जामवाल ने बताया कि वांगचुक जानते थे कि दोनों पक्षों के बीच 25 सितंबर को एक अनौपचारिक बैठक होने वाली है, इसके बावजूद उन्होंने अपना अनशन जारी रखा। जामवाल ने आरोप लगाया, ‘‘अनौपचारिक बैठक से ठीक एक दिन पहले, भड़काऊ वीडियो और बयानों के जरिए शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की गई। इसी के चलते बुधवार को हिंसा हुई, जिसमें कई जानें गईं।’’

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उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता द्वारा बुधवार की हिंसा में विदेशी साजिश के बारे में दिए गए बयान पर जामवाल ने कहा कि गोली लगने से घायल तीन नेपाली नागरिकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, और कुछ अन्य विदेशी नागरिकों की संलिप्तता भी सामने आई है।

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उन्होंने बताया कि बुधवार की हिंसा के सिलसिले में अब तक कुल 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से कम से कम छह लोगों के हिंसा में शामिल होने का संदेह है। डीजीपी ने कहा, ‘‘यह बिल्कुल स्पष्ट है कि मामले में मुख्य रूप से लोगों को उकसाने वाले वांगचुक को लद्दाख से बाहर की जेल में रखा गया है।’’

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