पटनाः नीतीश कुमार की सरकार में बीजेपी कोटे से मंत्री जीवेश कुमार नकली दवा मामले में दोषी करार पाए गए। अब विपक्ष ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने मंत्री जीवेश मिश्रा का इस्तीफा मांगा है। राजस्थान की राजसमंद कोर्ट ने उन्हें 15 साल पुराने मामले में पिछले महीने दोषी करार दिया था। हालांकि, बाद में 7000 रुपये का जुर्माना भरवाकर सदाचार बनाए रखने की शर्त पर उन्हें छोड़ दिया गया।
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बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने भी नीतीश सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह लाचार, अचेत और समझौता परस्त मुख्यमंत्री की सरकार है। नकली दवा का कारोबारी भी मंत्री की कुर्सी पर बरकरार है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार में अनैतिक कामों में लिप्त लोगों का जमावड़ा है। नीतीश कुमार को कुर्सी से चिपके रहने की आदत है, इसलिए वे दोषी सिद्ध हो चुके मंत्री को कैबिनेट से बाहर करने की बात तो दूर, कुछ बोलने की जुर्रत भी नहीं कर सकते हैं।
लाचार - अचेत - समझौता परस्त मुख्यमंत्री की सरकार है
नकली दवा का कारोबारी भी पूरी ढिठाई से मंत्री की कुर्सी पर बरक़रार है ..अनैतिक गठबंधन की सरकार में अनैतिक कामों में लिप्त लोगों का ही जमावड़ा है और कुर्सी से चिपके रहने की आदत व् मजबूरी का सबब कुछ ऐसा है कि दोषी साबित हो चुके… pic.twitter.com/xgK6vwW7Qw
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) July 4, 2025
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यह है मामला
रिपोर्ट्स के अनुसार यह मामला सितंबर 2010 का है। राजस्थान के देवगढ़ (राजसमंद) में स्थित कंसारा ड्रग्स डिस्ट्रीब्यूटर्स कंपनी में निरीक्षण के दौरान दवाओं के सैंपल लिए गए थे। इन्हें जांच के लिए लैब में भेजा गया, तो सिप्रोलिन-500 टेबलेट के मिलावटी और अमानक श्रेणी का पाया गया। जांच में सामने आया कि कंसारा ड्रग्स डिस्ट्रीब्यूटर्स को इन दवाओं की सप्लाई ऑल्टो हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी समेत दो अन्य फर्मों ने की थी। जीवेश मिश्रा इस कंपनी के निदेशक हैं।


