रांचीः झारखंड में 38 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाला मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने अपनी जांच को और तेज कर दिया है। इसके साथ ही जांच का दायरा भी बढ़ा दिया है। एसीबी ने मैन पावर सप्लाई करने वाली कंपनियों सहित शराब कारोबार से जुड़े छह कारोबारियों को नोटिस भेजा है। इन सभी को अलग-अलग तिथियों में पूछताछ के लिए एसीबी मुख्यालय बुलाया गया है। इन कारोबारियों में सबसे चर्चित नाम छत्तीसगढ़ निवासी सिद्धार्थ सिंघानिया का है।
मानसून अटका, झारखंड में 20 जून तक एंट्री की उम्मीद, अगले दो दिनों तक सताएगी गर्मी
जब छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच के क्रम में उनके घर छापा मारा था, तब एक डायरी बरामद हुई थी, उस डायरी में झारखंड में शराब सिंडिकेट द्वारा रची गई साजिश का जिक्र था। साथ ही झारखंड में शराब व्यापार के दौरान बाधा डालने वालों को चिन्ह्रित कर उन्हे मैनेज करने की रणनीति का भी उल्लेख था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि छत्तीसगढ़ शराब सिंडिकेट से साजिश के तहत झारखंड शराब नीति लागू करवायी, जिससे राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा। सिद्धार्थ सिंघानिया के अलावा जिन अन्य कारोबारियों को नोटिस भेजा गया है, उनमें मध्य प्रदेश के भोपाल निवासी मनीष जैन और राजीव द्विवेदी, महाराष्ट्र के पुणे निवासी अजीत जयसिंह राव, अमित प्रभाकर सोलंकी और सुनील मारूत्रे कुंभकर शामिल है।
पिता की कार से कुचलकर तीन साल के बेटे की मौत, मां ने हत्या का लगाया आरोप
इस मामले में एसीबी अब तक 29 से अधिक लोगों को नोटिस भेज चुकी है। पूर्व में जिन लोगों को नोटिस भेजा गया था उसमें राज्य के उत्पाद सचिव मनोज समेत कई प्रमुख नाम शामिल है। अबतक अमित प्रकाश, धनंजय सिंह, उपेंद्र शर्मा, शिपिज त्रिवेदी, विनय कुमार सिंह, उमा शंकर सिंह, विजन और मार्शल कंपनी के सात अधिकारी, राजीव झा, इगल हंटर के मनोज तिवारी, दीपाली मित्तल, अमित इंद्रसन, एटूजेड कंपनी के परमात्मा सिंह, रीतू गोयल, अरूण गौड़, इगल हंटर के सरोज लोहिया, बच्चा लोहियां, एटूजेड के अतीमा खन्ना, संजीव जैन, इगल हंटर के ब्रिगेडियर हैरी संधु और महाराज सिंह को नोटिस भेजा जा चुका है।




