पिछड़ों को आरक्षण के बिना तत्काल पंचायत चुनाव कराने का निर्णय-आलमगीर

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March 9, 2022

ट्रिपल टेस्ट के बिना पंचायत चुनाव में पिछड़े वर्गाें के लिए आरक्षण का प्रावधान संभव नहीं
रांची। झारखंड सरकार की ओर से यह साफ किया गया है कि पिछड़ा वर्ग को आरक्षण दिये गये बिना तत्काल पंचायत चुनाव कराने का निर्णय लिया गया हैं।
भाजपा के रामचंद्र चंद्रवंशी के एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के उत्तर में संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने बताया कि ट्रिपल टेस्ट एक लंबी प्रक्रिया है, जिसमें पिछड़ेपन की परिभाषा, पिछड़े वर्ग की पहचान और अनुशंसा प्राप्त होने के बाद आरक्षण निर्धारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रिपल टेस्ट के बिना पंचायत चुनाव में पिछड़े वर्गाें के लिए आरक्षण का प्रावधान संभव नहीं हैं। पंचायत चुनाव स्थगित रखने से पंचायतें 15वें वित्त आयोग की राशि से भी वंचित हो सकती हैं। इसलिए राज्य हित में उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार तत्काल पंचायत चुनाव कराने का निर्णय लिया गया है।

आलमगीर आलम ने बताया कि झारखंड पंचायत राज अधिनियम 2001 की सुसंगत धाराओं में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में पद आरक्षण का प्रावधान हैं। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण के पश्चात निर्धारित अधिकतम सीमा के अधीन पिछड़े वर्गाें के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में पद आरक्षित किये जाते हैं। इस राहुल रमेश वाद्य बनाम महाराष्ट्र राज्य में 19 जनवरी 2022 और 20 जनवरी 22 को पारित न्यायादेश के अनुसार पंचायत चुनाव में पिछड़े वर्ग को आरक्षण देने के लिए ट्रिपल टेस्ट अनिवार्य है। परंतु राज्य अथवा केंद्र शासित क्षेत्र के ट्रिपल टेस्ट नहीं कराने की स्थिति में होने तथा स्थानीय निकायों का चुनाव उनके लिए स्थगित न रहे, इसके लिए संबंधित राज्य निर्वाचन आयोग को पिछड़े वर्गाें के लिए चिह्नित पदों को अनारक्षित कोटि में रखते हुए चुनाव संपन्न कराने का आदेश हैं। राज्य में जनवरी 2021 से पंचायत चुनाव लंबित है।

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मदरसा बोर्ड का गठन भी 3 महीने में, वक्फ बोर्ड का भी गठन जल्द- हफीजुल हसन
उर्दू बोर्ड का गठन भी शिक्षा विभाग से बातचीत कर जल्द
राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन ने कहा है कि उर्दू अकादमी का गठन जल्द कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड का भी गठन जल्द ही कर लिया जाएगा और मदरसा बोर्ड के गठन के मसले पर भी शिक्षा विभाग से बातचीत कर 3 महीने में प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के सरफराज अहमद के एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में मंत्री हफीजुल हसन ने बताया कि जब से उन्होंने मंत्री का पदभार संभाला है, कैबिनेट की पहली बैठक से ही उर्दू अकादमी और वक्फ बोर्ड और मदरसा बोर्ड के गठन को लेकर प्रयासरत हैं। उन्होंने उम्मीद जतायी कि उर्दू अकादमी का गठन जल्द कर लिय जाएगा और मदरसा बोर्ड का गठन भी 3 महीने के अंदर पूरा कर लिया जाएगा।
एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में मंत्री हफीजुल हसन ने बताया कि अभी आजिल और फाजिल की डिग्री को मान्यता नहीं मिल रही है,लेकिन मदरसा बोर्ड के गठन के साथ ही आजिल-फाजिल को मान्यता देने के मसले का भी समाधान निकाल लिया जाएगा।
इससे पहले गांडेय के जेएमएम विधायक डॉ सरफराज अहमद ने कहा कि21 वर्ष बाद भी राज्य में उर्दू एकेडमी नहीं है। वक्फ बोर्ड प्रक्रियाधीन है और मदरसा बोर्ड का भी गठन नहीं हो पाया है। यह कब तक होगा और अब तक क्यों नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी यह सवाल सदन में आया था , लेकिन अब तक प्रक्रिया लंबित हैं। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों को गठबंधन सरकार से काफी उम्मीद है, इसलिए सरकार इस दिशा में जल्द से जल्द कार्रवाई करें।

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कोरोना काल में स्कूल बसों को टैक्स में छूट पर फैसला जल्द-चंपई सोरेन
राज्य के परिवहन मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि कोरोनाकाल में मार्च 2020 से लेकर दिसंबर 2020 तक आवेदित स्कूल बसों को पथकरों की छूट प्रदान की गयी,उसके बाद पथकर छूट मामले में राज्य सरकार जिलों से विभागीय पदाधिकारियों से रिपोर्ट मंगाकर जल्द फैसला लेगी।
झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक मथुरा प्रसाद महतो के एक प्रश्न के उत्तर में परिवहन मंत्री ने बताया कि 24 मार्च 2020 से 20 दिसंबर 2020 तक आवेदित स्कूल बसों की कर माफी की गई है। उन्होंने े कहा कि इसके बाद कि अवधि 21 दिसंबर 2020 से 31 मार्च 2021 तक कि अवधि के लिए पुनः सरकार ने एक मार्गदर्शन जारी किया है और यह तय हुआ है कि अपरिचालित स्कूल बसों के पथकर छूट संबंधित प्रधानाध्यापक द्वारा शपथ पत्र एवम जिला परिवहन पदाधिकारी की जांच के बाद नीति निर्धारित कर की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल की अवधि की बात है उसपर जिला परिवहन पदाधिकारी से जांच कराया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर छूट दी जाएगी।

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