दिल्लीः झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलती है या नहीं आज फैसला हो जाएगा । देश की सबसे बड़ी अदालत में गर्मी छुट्टियों से पहले अहम फैसला आना है । झारखंड़ हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट से भी हेमंत सोरेन को तेरह मई को उस वक्त झटका लगा था जब उनकी याचिका खारिज हो गई थी । अब कपिल सिब्बल अदालत में दलील पेश कर समझाने की कोशिश करेंगे की हेमंत सोरेन को जमानत क्यों मिलनी चाहिए ।
सुप्रीम कोर्ट में हेमंत सोरेन की क्या दलील होगी ?
ईडी द्वारा की जा रही राजनीतिक गिरफ्तारियों में बेल मिलने में हो रही देरी पर विराम उस वक्त लग गया जब सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के शराब घोटाले में आरोपी आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह को बेल दे दिया । अब हेमंत सोरेन को जमानत मिलने का आधार कई है । मिसाल के तौर पर
- आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह को जमानत मिलना
- दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को प्रचार के अंतरिम जमानत
- PMLA केस में पंजाब के पूर्व वन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत को जमानत
- हेमंत सोरेन के खिलाफ कोई सबूत नहीं है, जमीन पर उनका कब्जा नहीं
- हेमंत सोरेन को राजनीतिक वजहों से ईडी ने केस में फंसाया है
इसी तरह की कई दलीलें सुप्रीम कोर्ट में पेश किए जाने की उम्मीद है । हेमंत सोरेन को अगर जमानत मिल जाती है तो जेएमएम के लिए बड़ी राहत होगी क्योंकि वे चुनाव प्रचार में शामिल हो सकेंगे ।
हेमंत के वकील कपिल सिब्बल बने SCBA अध्यक्ष
कपिल सिब्बल को 1066 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंदी वरिष्ठ वकील प्रदीप राय को 689 वोट मिले। निवर्तमान अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ आदिश सी अग्रवाल को 296 वोट मिले । यह चौथी बार होगा जब सिब्बल एससीबीए के अध्यक्ष के रूप में काम करेंगे। कपिल सिब्बल इससे पहले 2001 में भी अध्यक्ष रह चुके थे । इससे पहले वो 1995-96 और 1997-98 में भी सु्प्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष का चुनाव जीत चुके हैं । लेकिन तेईस साल बाद उनकी यह जीत कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है ।
कपिल सिब्बल की जीत पर कल्पना सोरने ने बधाई दी है । उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर बधाई संदेश लिखा है । गौरतलब है कि सर्वोच्च अदालत में कपिल सिब्बल ही हेमंत सोरेन की वकालत कर रहे हैं ।
Celebrations at the SC library after Sibal’s victory. pic.twitter.com/QJeGe9KU20
— Live Law (@LiveLawIndia) May 16, 2024
तीन चरणों में प्रचार कर पाएंगें हेमंत ?
कल्पना सोरेन को भी उम्मीद है कि उनके पति को जमानत मिल जाएगी । गौरतलब है कि हेमंत को जमानत नहीं मिलने पर सोशल मीडिया पर कैंपेन भी चलाया जा रहा है । आरोप लग रहा है कि आदिवासी होने की वजह से उनके जमानत का विरोध किया जा रहा है । झारखंड में अभी तीन और चरणों का चुनाव शेष है।




