रांचीः झारखंड के प्राथमिक व मध्य विद्यालय में लगभग 10 हजार शिक्षक की नियुक्ति हुई है। इसके बाद भी सहायक आचार्य के लगभग 40 हजार पद रिक्त हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 2022 में प्राथमिक व मध्य विद्यालय में शिक्षकों के लिए नये पद का सृजन किया था। विद्यालय में सहायत आचार्य के नाम से 50 हजार पद सृजित हुए थे। दो चरणों में इन पर नियुक्ति किये जाने का निर्णय हुआ था। फिलहाल सबको सरकार की ओर से जेटेट लिये जाने का इंतजार है।
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जेटेट को लेकर वर्ष 2024 जून में आवेदन जमा कराये गये। परीक्षा के लिए लगभग 3.50 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन जमा किये। अभ्यर्थी नियमावली के कुछ बिंदुओं में बदलाव की मांग कर रहे थे। शिक्षा विभाग ने अभ्यर्थियों की मांग के अनुरूप नियामवली में बदलाव की प्रक्रिया शुरू की। ऐसे में शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने आवेदन रद्द कर दिया।
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उल्लेखनीय है कि राज्य में प्रथम चरण में कुल 26 हजार शिक्षकों की नियुक्ति होनी थी। सरकार द्वारा पद सृजन के बाद वर्ष 2023 में सहायत आचार्य के 26 हजार पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हुई। नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में है। परीक्षा में सफल 10 हजार अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई है, लेकिन प्रथम चरण में लगभग 16 हजार पद रिक्त हैं।
वहीं दूसरे चरण के कुल 24 हजार पद भरे जाने हैं, ऐसे में सहायक आचार्य के 50 हजार में से लगभग 40 हजार पद रिक्त हैं। राज्य में सहायक आचार्य के दूसरे चरण की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने के पूर्व झारखंड शिक्षक पात्रका परीक्षा ली जानी है। राज्य में 10 वर्षो से शिक्षक पात्रता परीक्षा नहीं हुई है। राज्य में अब तक दो शिक्षक पात्रता परीक्षा हुई है। यह पिछली बार वर्ष 2016 में ली गयी थी।




