लॉर्ड्स टेस्ट में हार का क्या है पाकिस्तानी कनेक्शन ? 1999 के भारत-पाकिस्तान के चेन्नैई टेस्ट को क्यों किया जा रहा याद?

लॉर्ड्सः भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए तीसरे और ऐतिहासिक टेस्ट में जिस तरह से भारतीय टीम जीत के करीब पहुंच कर हार गई।  और जिस अंदाज में मोहम्मद सिराज का विकेट गिरा उसने करोड़ों भारतीयों के जख्म को हरा कर दिया । वो जख्म किसी और ने नहीं पाकिस्तान ने दिया । साल था का 1999 और तारीख थी 31 जनवरी 1999 की । इसी दिन भारत के तेज गेंदबाद जावगल श्रीनाथ ठीक उसी अंदाज में बोल्ड हो गए जिस तरह से मोहम्मद सिराज हुए हैं । भारत 12 रनों से ये मैच हार गया । 

1999 में Ind-Pak  का चेन्नई टेस्ट

9 वर्ष के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला था और बालिग होने के पहली बार सचिन तेंदुलकर पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट खेल रहे थे । भारत को दूसरी पारी में जीत के लिए चाहिए थे 271 रन चाहिए थे । पाकिस्तान स्पिनर सकैलन मुश्ताक की घूमती गेंदों के आगे भारतीय बल्लेबाज नाच रहे थे । पहली बार सकैलन ने पांच विकेट लिए थे जिसमें सचिन तेंदुलकर, मोहम्मद अजरुद्दीन और सौरव गांगुली का विकेट शामिल था । भारत ने पाकिस्तान की पहली पारी के 238 के जवाब में 254 रन बनाए थे । भारत के पास सिर्फ 16 रनों की लीड थी । पाकिस्तान ने दूसरी पारी में 286 रन ठोंके और भारत के सामने 271 रनों का लक्ष्य रखा । 

सकैलन मुश्ताक की कहर बरपाती गेंदें

1999 के चेन्नैई टेस्ट में जिस हिसाब से पाकिस्तानी गेंदबाज कहर बरपा रहे थे उससे मुकाबला रोमांचक हो चुका था । उस जमाने में सचिन तेंदुलकर सबसे बड़े तारणहार थे और वे पहली पारी में शून्य पर आउट हो चुके थे । दूसरी पारी में भारत की शुरुआत खराब रही थी । 82 रनों पर पांच विकेट गिर चुके थे । सचिन तेंदुलकर का साथ दे रहे थे नयन मोंगिया। दोनों के बीच 136 रनों की साझेदारी ने मैच को जीत के करीब ला दिया था । छठे विकेट के तौर पर जब मोंगिया 52 रन बनाकर आउट हुए तब भारत का स्कोर था 218 रन।

सचिन 136 रन बनाकर हुए थे आउट

नयन मोंगिया के जाने के बाद सचिन क्रीज पर थे। चिन्नास्वामी स्टेडियम सचिन.. सचिन.. के शोर से गूंज रहा था तभी सचिन सातवें विकेट के तौर पर 136 रन बनाकर आउट हो गए । भारत का स्कोर था 254 रन । यानी जीत से महज 17 रन दूर । दर्शक मान कर चले थे कि भारत ने पाकिस्तान को हरा दिया  । तभी विकटों की पतझड़ लग गई । अनील कुंबल, सुनील जोशी दो रनों के अंदर आउट हो गए । श्रीनाथ और वेेकेंटेश प्रसाद मैदान में थे । भारत का स्कोर 258 था । तभी सकैलन मुश्ताक की गेंद बैट से टकराते हुए विकटों में जा लगी । भारत मैच हार गया । सचिन की महानतम पारियों में एक चेन्नैई टेस्ट की पारी जीत नहीं दिला पाई ।

sacbhin 199

ये हार नहीं भुला पाते सचिन

चेन्नैई टेस्ट की हार सचिन को हमेशा रही है । उन्होंने अपनी किताब में इस हार का जिक्र किया है । तेंदुलक के आउट होने के बाद भारतीय टीम सिर्फ चार ही रन जोड़ कर आउट  हो गई ।

saqukain

लॉर्ड्स में कुंबले ने याद किया चेन्नैई टेस्ट

लार्ड्स टेस्ट में भारत की हार के बाद कमेंटेटर अनिल कुंबले 1999 टेस्ट को याद करते हुए कहा कि बिल्कुल वही हार दोहराई गई है। जिस तरीकेे से मोहम्मद सिराज आउट हुए उसने कुंबले को श्रीनाथ का विकेट याद दिला दिया जब सकैलन मुश्ताक की फिरकी श्रीनाथ के बल्ले को लगते हुए धीरे से विकटों में जा लगी थी ।

इस बार भी हार की वजह पाकिस्तानी

लार्ड्स में 26 वर्षों बाद भारतीय क्रिकेट टीम और प्रशंसकों के सामने वही दृश्य सामने था । इस बार भी जख्म देने वाला मोहम्मद सिराज पाकिस्तानी मूल का ही खिलाड़ी है इसलिए लॉर्ड्स में इस हार को भारतीय पचा नहीं पा रहे हैं। मगर जिस तरह से 1999 की सचिन की पारी यादगार रही ठीक उसी तरह रवींद्र जडेजा की पारी भी हमेशा बेहतरीन पारियों में याद की जाएगी।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now