रांचीः सिल्ली में एक बाघ का रेस्क्यू किया गया है । खाने की तलाश में जंगल से भटका हाथी जब मारदू गांव के पूरण चंद महतो के घर में दाखिल हुआ तो घरवालों के होश फाख्ता हो गए । सुबह-सुबह हट्टे-कठ्ठे रॉयल बंगाल टाइगर के दर्शन होते ही पूरे गांव में दहशत फैल गई । गनीमत ये रही की जब बाघ घर के अंदर घुसा तो उस वक्त कोई घर में नहीं था ।
बाघ से ऐसे हुआ सामना
पूरण चंद महतो ने बाघ के साथ हुए आमान-सामना की कहानी बयां करते हुए जो कहानी कही उसे सुन कर रोंगटे खड़े हो गए ।पूरण चंद महतो ने बताया कि रात में वो दस बजे सो गए थे और सुबह चार- साढ़े चार बजे गाय और बकरी निकालने के लिए उठे । उनके साथ दो बच्ची भी सो रही थी । दोनों उठ चुकी थी । तभी बच्चियों ने बाघ की आवाज सुनीं और पुरेंद्र महतो को बताया । दोनों बच्ची बाहर ही थी और बच्चियों को अंदर बुलाकर अंदर कमरे में बंद कर दिया। इस दौरान बाघ घर के अंदर दाखिल हो गया । घर के आंगन में बाघ घूम रहा था और दो बच्चियां कमरे में बंद दी । पूरण महतो ने बताया कि जैसे ही बाघ दूसरे कमरे में दाखिल हुआ तो उन्होंने फौरन ही बाहर से दरवाजा बंद कर दिया जिससे बाघ कमरे में ही बंद हो गया । इसके बाद वन विभाग और पुलिस को इसकी खबर दी गई ।
पूरण महतो ने बताई पूरी कहानी
रांची के पूरण चंद महतो के घर सुबह-सुबह बाघ घुस गया । घर में दो बच्ची थी। सुनिए किस तरह टाइगर को किया घर में कैद और बचाई अपनी और बच्चों की जान…#tiger #रांचीमेंबाघ pic.twitter.com/lqCgSzrpfe
— Live Dainik (@Live_Dainik) June 25, 2025
घर के अंदर टाइगर, दहशत में ग्रामीण
घर के अंदर टाइगर की खबर सुन पुरे इलाके में दहशत तो फैल गई लेकिन जैसे ही खबर मिली की टाइगर कमरे में कैद है तो सैकड़ों की संख्या में पुरेंद्र महतो के घर के बाहर भीड जमा हो गई । वन विभाग की टीम पहुंची । पुलिस पहुंची और फिर शुरु हुआ बाघ का रेस्क्यू । टाइगर को कैद करने के लिए पहले पिंजड़ा मंगाया गया और वन विभाग की विशेष गाड़ी भी आई जिसके जरिए टाइगर का रेक्स्यू किया जाना था ।
पिंजरे में कैद हुआ टाइगर
पूरण महतो के घर के बाहर पिंजरा लगाया गया और टाइगर को पहले किसी तरह से पिंजरे के अंदर कैद किया गया और उसे बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया । बाघ जब पिंजरे में था तब उसकी दहाड़ से सबके रोंगटे खड़े गए । जैसे ही पिंजरे में कैद बाघ को बेहोश किया गया वैसे ही तमाम लोगों ने राहत की सांस ली ।




