पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद संकट से गुजर रहा लालू परिवार के लिए गुरुवार का दिन काफी अहम माना जा रहा था। लैंड फॉर जॉब मामले में आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के खिलाफ दिल्ली की राउज एवेन्यू की स्पेशल सीबीआई कोर्ट को 4 दिसंबर को आरोप तय करने पर फैसला सुनाना था लेकिन कोर्ट से फिलहाल उन्हें राहत मिल गई है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 8 दिसंबर को होगी। 10 नवंबर को पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि सभी सबूतों और दस्तावेजों की गहन समीक्षा जरूरी है इसलिए फैसला 4 दिसंबर 2025 के लिए टाल दिया गया था। इससे पहले कोर्ट ने CBI के मामले में आरोप तय करने पर 25 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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लालू ने किया पद का दुरुपयोग
CBI ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर आरोप लगाया है कि लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान पद का दुरुपयोग कर साजिशन 2004 से 2009 के बीच नियमों को ताक पर रख रेलवे में ग्रुप-D श्रेणी की भर्तियां की गईं और बदलें में अभ्यर्थी की जमीन लालू प्रसाद यादव के परिवार या उनके करीबी लोगों के नाम पर ट्रांसफर करवा ली गई।
राबड़ी ने की जज बदलने की मांग
बता दें कि इस दौरान राबड़ी देवी ने मामले की सुनवाई कर रहे जज विशाल गोगने पर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए जज बदलने की मांग भी की थी, जिसपर कोर्ट ने CBI से जवाब मांगा है।
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लालू समेत 14 आरोपियों पर आरोप तय
राउज एवेन्यू कोर्ट ने नौकरी के बदले जमीन घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव समेत कुल 14 आरोपियों पर आरोप तय किए थे। सीबीआई द्वारा पेश किए गए सबूतों के आधार पर कोर्ट ने पाया कि रेल मंत्री रहते लालू यादव की जानकारी में ये साजिश रची गई थी। इस घोटाले में रेलवे में ग्रुप डी की नौकरियों के बदले लोगों से सस्ती दरों पर जमीनें ली गईं और बाद में राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को ट्रांसफर कर दी गईं।




