बच्चियों का अश्लील वीडियो बनाकर ऑनलाइन करते थे बिक्री, रांची CID ने गिरिडीह में की छापेमारी

बच्चियों का अश्लील वीडियो बनाकर ऑनलाइन करते थे बिक्री, रांची CID ने गिरिडीह में की छापेमारी

गिरिडीहः नाबालिग लड़कियों का अश्लील वीडियो बनाकर ऑनलाइन बिक्री करने के मामले में रांची सीआईडी की विशेष टीम ने गुरुवार देर रात बड़ी कार्रवाई की। टीम ने गिरिडीह नगर थाना क्षेत्र के कोलडीहा से दो युवकों को गिरफ्तार किया। आरोपियों में हसन राजा और मो. मोहब अंसारी हैं। छापेमारी डीएसपी अर्चना स्मृति खलको के नेतृत्व में देर रात करीब दो बजे की गयी। दोनों आरोपियों को उनके घरों से गिरफ्तार किया गया। सीआईडी की टीम दोनों को अपने साथ रांची ले गयी।
जांच एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में दोनों आरोपियों के खिलाफ लगे आरोप सही पाये गये हैं। दोनों के विरूद्ध आईटी और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। सूत्रों के अनुसार, रांची में दोनों आरोपियों से सीआईडी पूछताछ कर रही है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें जेल भेजा जायेगा।
हैदराबाद पुलिस ने रांची सीआईडी को भेजा था वीडियो
सूत्रों के अनुसार, हैदराबाद पुलिस के साइबर सेल के हाथ एक नाबालिग लड़की का आपत्तिजनक वीडियो लगा था। साइबर सेल ने जांच के दौरान पता लगाया कि उक्त वीडियो कहां से वायरल हुआ है। तकनीकी जांच में वीडियो का स्त्रोत झारखंड से जुड़े होने की पुष्टि होने के बाद हैदराबाद के साइबर सेल ने मामला रांची सीआईडी को ट्रांसफर कर दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए रांची सीआईडी ने गहन जांच शुरू की। एक अधिकारी के आवेदन पर आईटी और प्रोक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। केस दर्ज करने के बाद जब सीआईडी ने जांच को आगे बढ़ाया, तो इसमें गिरिडीह जिले के दो युवकों की संलिप्तता सामने आयी। ठोस सबूतों के आधार पर सीआईडी ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। अब टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क से कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
टेलीग्राम और वेबसाइट के जरिये करते थे अश्लील वीडियो का कारोबारः जानकारी के अनुसार, नाबालिग बच्चियों का अश्लील वीडियो बनाकर अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बेचने के धंधे में एक संगठित गिरोह सक्रिय है। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह ने टेलीग्राम पर एक विशेष चैनल बनाया रखा था, जिस पर वीडियो की बिक्री की जाती थी। कुछ वेबसाइट्स को भी वीडियो बेचने की बात सामने आयी है। सूत्रों के मुताबिक, प्रत्येक वीडियो की कीमत पांच से दस हजार रुपये तक थी। गिरोह इस अवैध कारोबार से लाखों की कमाई कर रहा था।

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