चाईबासाः झारखंड-ओडिशा के बॉडर स्थित बेनीसागर में दहशत का पर्याय बना दंतेल हाथी फिर गायब हो गया है। आसपास के 30 गांवों में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। बीते 10 दिनों में इसने 20 लोगों की जान ले ली है। झारखंड-ओडिशा वन विभाग की 200 से अधिक वनकर्मियों व विशेषज्ञों की टीम लगातार उसे ट्रेंकुलाइज करने के लिए सर्च ऑपरेशन चला रही है। शनिवार रात हाथी ओडिशा सीमा तक पहुंचा था। इसके बाद झारखंड में घुसा और रात एक बजे से लापता है। शनिवार को खड़पोस व पंडुवाबुरु इलाके में घेराबंदी की गई, पर उसका कोई सुराग नहीं मिला।
20 लोगों की जान लेने वाला हाथी ओडिशा बॉडर पर घिरा, बनीसागर जंगल में ली 3 लोगों की जान
असम, ओडिशा, कोलकाता और गुजरात से आए ट्रैंकुलाइज एक्सपर्ट मौके पर डटे है। झारखंड से सटे 30 से अधिक गांवों में हाई अलर्ट जारी है। डीएफओ आदित्य नारायण के अनुसार, हाथी बार-बार डायरेक्शन चेंज कर रहा है। सेफ जगह पर ही ट्रैंकुलाइज किया जाएगा। रेस्क्यू के दौरान ही हाथी ने टीम के एक विशेषज्ञ पर जानलेवा हमला कर दिया। जिलके बाद गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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एक जनवरी से लोगों पर हमला कर रहा गुस्सैल हाथी
यह हाथी 1 जनवरी से अब तक कुल 22 लोगों की जान ले चुका है। वन अधिकारियों के मुताबिक, झुंड से बिछड़ने के कारण यह हाथी अत्यंत हिंसक हो गया है। इसकी रफ्तार भी चिंता का विषय है। यह प्रतिदिन लगभग 30 किलोमीटर की दूरी तय कर रहा है, जिससे इसकी सटीक लोकेशन ट्रैक करना मुश्किल हो रहा है। यह लगातार मूव कर रहा है। और इसके बीच में जो आ रहा है, उस पर यह हमला कर रहा है।चाईबासा में इस हाथी का आतंक एक जनवरी से शुरू है। टोंटो प्रखंड के बांडीझारी गांव निवासी 35 वर्षीय मंगल सिंह हेंब्रम, बिरसिंहहातु गांव के कुचु बासा टोली निवासी 55 वर्षीय उर्दूप बहंदा, सदर प्रखंड के रोरो गांव निवासी 57 वर्षीय विष्णु सुंडी को इसी हाथी ने जान से मार डाला। वहीं इसी दिन हाथी के हमले में मानी कुंटिया और सुखमति बहंदा गंभीर रूप से घायल हुए।
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एक जनवरी के बाद से यह लगातार हमले कर रहा है। इस हाथी ने नोवामुंडी के बाबरिया गांव 6 जनवरी की रात एक ही परिवार के 5 लोगों की जान ले ली। मृतकों में पति-पत्नी, उनके दो मासूम बच्चे और दूसरे परिवार का एक सदस्य शामिल है। घटना रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है, जब सभी लोग अपने-अपने घरों में सो रहे थे। तभी अचानक हाथी ने घर पर हमला कर दिया। इस हमले में परिवार का एक बच्चा किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहा।हाथी का आतंक सिर्फ बाबरिया गांव तक सीमित नहीं रहा। बड़ा पासीया गांव में भी हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई। वहीं लांपाईसाई गांव में एक अन्य व्यक्ति को हाथी ने रौंदकर मार डाला। इन दोनों गांवों में मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। वहीं इसके अलावा हाटगम्हरिया क्षेत्र में भी हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हुई।




