अनुराग गुप्ता के झारखंड DGP बने रहने पर आज होगा फैसला, राज्य सरकार को केंद्र के पत्र मिलने के बाद बनी संशय की स्थिति

AG ने DGP को 30 अप्रैल को माना रिटायर, 1 मई से सैलरी शून्य, केंद्र ने अनुराग गुप्ता की सर्विस को खत्म माना

रांचीः अनुराग गुप्ता झारखंड के डीजीपी बने रहेंगे या नहीं, इसको लेकर जो संशय की स्थिति बनी हुई है वो बुधवार को खत्म हो जाएगी। झारखंड सरकार को केंद्र का पत्र मिलने के बाद अनुराग गुप्ता के डीजीपी बने रहने पर संशय की स्थिति बनी हुई है। वे डीजीपी बने रहेंगे या रिटायर्ड होंगे इसपर फैसला होने की संभावना है।

अनुराग गुप्ता को सेवा विस्तार देना और डीजीपी बनाना गलत- केंद्रीय गृह मंत्रालय के हवाले से सरयू राय का दावा
अनुराग गुप्ता के लिए बुधवार निर्णायक दिन है क्योकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वीडन और स्पेन के दौरे से लौट रहे है। उनके अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार के भी विदेश दौरे से लौटने की उम्मीद है। मंगलवार को गृह विभाग में डीजीपी को लेकर फाइल इधर से उधर होती रही।

जमशेदपुर में चला एंटी क्राइम चेकिंग अभियान, SSP किशोर कौशल ने खुद संभाला मोर्चा
सूत्रों के अनुसार, सरकार कई विकल्पों पर काम कर रही है। विचार हो रहा है कि अनुराग गुप्ता को डीजीपी पद पर बनाए रखते हुए केंद्र से पुनर्विचार का आग्रह किया जाए। उधर सुप्रीम कोर्ट में भी एक मामला है। केंद्र के पत्र के आधार पर वहां भी पिटिशन दायर कर फिलहाल अनुराग गुप्ता को डीजीपी बनाए रखने पर विचार हो रहा है। अगर केंद्र सरकार को पत्र भेजने पर सहमति नहीं बनती है तो किसी नए डीजीपी का चयन किया जा सकता है। ऐसे में वे रिटायर हो जाएंगे। हालांकि अंतिम फैसला मुख्यमंत्री के आने के बाद ही होगा। वहीं केंद्र के निर्णय पर आपत्ति जताते हुए राज्य सरकार के पाा हाईकोर्ट जाने का भी विकल्प है। लेकिन इसके लिए सिर्फ बुधवार का ही समय है। फिर यह कोर्ट पर निर्भर करेगा कि वह बुधवार को सुनवाई करेगा या नहीं। इस विषय में पूर्व के सभी नोटिफिकेशन का भी अध्ययन किया जा रहा है। विधिक राय भी ली जा रही है।

See also  अनुराग गुप्ता के DGP बने रहने पर संशय बरकरार, झारखंड सरकार के जवाब से केंद्र सहमत नहीं

IAS संजीव हंस पर ED ने लगाया एक आरोप, पक्ष में फैसला दिलवाने के लिए ली थी एक करोड़ घूस
केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर अनुराग गुप्ता को 30 अप्रैल के बाद डीजीपी बनाए रखने के फैसले को गलत बताते हुए कहा कि उन्हे 30 अप्रैल को रिटायर करें। वहीं झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को डीजीपी अनुराग गुप्ता की पत्नी, आईपीएस प्रिया दुबे और संतोष दुबे के प्रमाणपत्रों की जांच की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। अरूण कुमार ने जनहित याचिका दाखिल कर इनके प्रमाण पत्रों की जांच का आदेश देने का आग्रह किया है। इसमें कहा गया है कि अफसरों के पीजी स्तर के प्रमाण पत्र गलत है। इसलिए, सभी प्रमाण पत्रों की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए। अदालत ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। हालांकि , सुनवाई के दौरान अदालत ने इस तरह के मामलों में जनहित याचिका दाखिल करने पर नाराजगी जताते हुए याचिकाकर्ता को फटकार भी लगाई।

See also  DGP अनुराग गुप्ता को रिटायर्ड करने पर झारखंड सरकार असहमत, केंद्र को भेजा जवाब
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now