ठगी में 420 की जगह 316, मर्डर में 302 की जगह 103, रेहड़ी लगाने पर BNS के तहत जानिये कौन सा FIR होगा दर्ज

ठगी में 420 की जगह 316, मर्डर में 302 की जगह 103, रेहड़ी लगाने पर BNS के तहत जानिये कौन सा FIR होगा दर्ज

दिल्ली: अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे कानून की जगह आज से नये आपराधिक कानून लागू हो गए है। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम ने IPC (1860), CRPC (1973) और एविडेंस एक्ट (1872) की जगह आज से नये कानून के तहत केस दर्ज होने लगे है। दिल्ली के कमला मार्केट में भारतीय न्याय संहिता के तहत पहली एफआईआर दर्ज की गई है। नई दिल्ली रेलवे फुटओवर ब्रिज के नीचे अवरोध पैदा करने और बिक्री के आरोप में एक रेहड़ी पटरी वाले के खिलाफ नये कानून प्रणाली की धारा 285 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने एफआईआर में आरोपी का नाम पंकज बताया है। उसके खिलाफ मेन रोड़ पर ठेला पर तंबाकू और पानी बेचने का आरोप है। उसे नये धारा 285 के तहत 5 हजार रूपए फाइन देना पड़ सकता है।

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भारतीय न्याय संहिता BNS में कुल 358 धाराएं है, पहले IPC के तहत 511 धाराएं थी। BNS में 20 नये अपराध शामिल किये गए है। 33 अपराधों में सजा अवधि बढ़ाई गई है। 23 अपराधों में अनिवार्य न्यूनतम सजा का प्रावधान है, 83 अपराधों में जुर्माने की राशि बढ़ा दी गई है। इसी तरह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में कुल 531 धाराएं है, CRPC में 484 धाराएं थी। BNSS में कुल 177 प्रावधान बदले गए है। भारतीय साक्ष्य अधिनियम में 170 धाराएं है, कुल 24 प्रावधान बदले गए है। दो नई धाराएं और छह उप धाराएं जोड़ी गई है, छह प्रावधान को हटा दिया गया है।

जानिये नए कानून में कौन सी धारा लगेगी

नये कानून में छीना झपटी से जुड़े मामले में बीएनएस की धारा 302 के तहत केस दर्ज होगा। पहले आईपीसी में धारा 302 में हत्या से जुड़े मामलों का प्रावधान था। गैर कानूनी रूप से एकत्र होने पर पहले भारतीय दंड संहिता की धारा 144 लगाई जाती है अब इसे धारा 187 कहा जाएगा। हत्या में पहले आईपीसी के तहत धारा 302 लगता था अब बीएनएस के तहत 103 लगेगा। हत्या की कोशिश में बीएनएस के तहत 109, गैर इरादतन हत्या में 105, लापरवाही से मौत में बीएनएस के तहत 106 धारा लगेगा। वही रेप और गैंगरेप में बीएनएस के तहत 63,64,70 धारा लगेगी। मानहानि में 356, छेड़छाड़ में 74, दहेज हत्या में 80, चोरी में 303, लूट में 309, डकैती में 310, देशद्रोह में 152, धोखाधड़ी-ठगी में 318, गैर कानूनी सभा में 187 बीएनएस की धारा दर्ज की जाएगी। आईपीसी में मॉब लिंचिंग का जिक्र नहीं था, अब इस अपराध के लिए उम्रकैद से लेकर मौत की सजा हो सकती है। इसे बीएनएस की धारा 103 (2) में परिभाषित किया गया है।

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