रांची: झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग में निलंबित चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के पिता गेंदा राम और पत्नी राजकुमारी देवी को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिल गई है। कोर्ट ने उनके खिलाफ पीड़क कार्रवाई पर रोक लगा दी है। इन दोनों की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी इसके बाद इन्होने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया था।
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ईडी ने पिछले साल 22 फरवरी को वीरेंद्र राम को गिरफ्तार किया था उनकी 39.28 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को जब्त कर लिया था। वीरेंद्र राम पर कमीशन के पैसे से संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। उनके रांची के अशोक नगर स्थित आवास से 40 लाख रूपये कैश और डेढ़ करोड़ की जेवरात के साथ कई लग्जरी गाड़ियों को ईडी ने जब्त किया था।
रांची के पीएमएलए कोर्ट ने वीरेंद्र राम की पत्नी और पिता के आत्मसर्पण नहीं करने पर कुर्की का आदेश जारी किया था। 21 अप्रैल 2023 को वीरेंद्र राम उसके भाई आलोक रंजन, पत्नी राजकुमारी देवी और पिता गेंदा राम के खिलाफ ईडी की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया है।
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टेंडर कमीशन घोटाला में ईडी ने कार्रवाई करते हुए ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया है। उनके ओएसडी और उसके नौकर के घर मिले 32.20 करोड़ रूपये कैश मामले में ईडी ने मंत्री को गिरफ्तार किया है जो शुक्रवार से 6 दिनों के ईडी रिमांड पर है। ईडी ने कोर्ट को अपने रिमांड पिटीशन में बताया कि मंत्री को टेंडर के कमीशन के रूप में डेढ़ प्रतिशत मिलता है वही इससे पहले वीरेंद्र राम ने भी ईडी को दिये गये अपने बयान में कमीशन के रूप में डेढ़ प्रतिशत मिलने की बात स्वीकार की थी।




