रांचीः झारखंड मंत्रालय में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा विकसित छह वेब पोर्टल्स का अनावरण किया और रांची विज्ञान केंद्र में नव प्रवर्तन केंद्र (इनोवेशन हब) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर झारखंड अनुसंधान तथा नवाचार नीति-2025 हेतु आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला का भी आयोजन किया गया।
छात्रों के लिए डिजिटल पोर्टल्स का अनावरण
डिजिटल गवर्नेंस और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के उद्देश्य से उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने कई पोर्टल्स विकसित किए हैं, जो राज्य के छात्रों, शिक्षकों और प्रशासनिक कार्यों को आसान बनाएंगे।
- वेतन निर्धारण पोर्टल – शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों के वेतन सत्यापन को सरल और पारदर्शी बनाएगा।
- लर्निंग मैनेजमेंट पोर्टल – ऑनलाइन शिक्षण, प्रशिक्षण सेवाओं और शैक्षणिक कार्यक्रमों का प्रबंधन करेगा।
- निजी विश्वविद्यालय प्रबंधन पोर्टल – राज्य में नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और प्रबंधन को सुगम बनाएगा।
- मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना पोर्टल – उच्च शिक्षा और शोध कार्य को प्रोत्साहित करने के लिए विकसित किया गया।
- अप्रेंटिस प्रबंधन पोर्टल – राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में प्रशिक्षुओं के चयन और प्रशिक्षण की प्रक्रिया को सरल बनाएगा।
- वित्त रहित कॉलेज अनुदान पोर्टल – वित्त रहित कॉलेजों को अनुदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति लाने के लिए विकसित किया गया।
नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
इनोवेशन हब – रांची विज्ञान केंद्र परिसर में स्थापित यह केंद्र नवाचारी विचारों, शोध कार्यों और व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करेगा।
साइंस सिटी, रांची का निर्माण
राज्य सरकार द्वारा रांची स्थित क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र को साइंस सिटी में अपग्रेड करने हेतु 270 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की गई है। यह 25 एकड़ भूमि पर निर्मित होगी, जिससे वैज्ञानिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और वैज्ञानिक प्रदर्शनों के साथ मनोरंजन की सुविधाएं भी मिलेंगी।
रांची विश्वविद्यालय के नए भवन का प्रेजेंटेशन
रांची विश्वविद्यालय का नया भवन 1100 करोड़ रुपये की लागत से 87 एकड़ भूमि पर बनाया जा रहा है। इससे 30,000 छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
झारखंड स्टूडेंट रिसर्च एंड इनोवेशन पॉलिसी 2025
यह नीति अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप यह स्टार्टअप्स के लिए सीड फंडिंग, शोध परियोजनाओं, संगोष्ठियों और सम्मेलनों के लिए अनुदान प्रदान करेगी। इस नीति के तहत 1,280 करोड़ रुपये के बजट से विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इनोवेशन सेल स्थापित किए जाएंगे।
राज्य में शिक्षा को डिजिटल रूप में बदलने का प्रयास
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री ने कहा कि झारखंड में उच्च शिक्षा की पहुँच को आसान बनाने और छात्रों को डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। अब आवेदन प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होगी, जिससे राज्य के विद्यार्थियों को समय पर शैक्षणिक और प्रशासनिक सेवाओं का लाभ मिलेगा। यह पहल झारखंड को अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में एक नया आयाम देने में सहायक सिद्ध होगी।