रांचीः रांची के चौक- चौराहों पर एक शख्स तख्ती लिए खड़ा है । आते-जाते लोग उसे देखते हैं । देखने वालों में कुछ को उम्मीद नजर आती है तो कुछ को पागलपन । इनका नाम है श्रीराम। हाथ में तख्ती लिए रांची के चुनावी मैदान में खुद ही प्रत्याशी है, खुद ही प्रचारक और खुद ही लाउडस्पीकर । लालपुपर चौक पर श्रीराम के हाथों में लगी तख्ती में लिखा है रांची से श्रीराम डाल्टन और दूसरी ओर लिखा है चतरा से मेघा श्रीराम डाल्टन एमपी कैंडिडेट । श्रीराम इस तख्ती को लेकर तपती दोपहरी में अकेले चलते हैं औऱ उनकी पत्नी मेघा श्रीराम वीडियो बनाती हैं। दोनों चुनावी मैदान में है । किसी पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया और ना ही उन्होंने किसी पार्टी से टिकट मांगा । मेघा श्रीराम गाती हैं, और श्रीराम आंदोलनकारी हैं । श्रीराम ने तो पानी के लिए मुंबई से लातेहार तक पैदल यात्रा तक कर वर्षों पहले साबित कर दिया था कि जल -जंगल जमीन बचाना कितना जरुरी है ।
बहरहाल श्रीराम और मेघा एक दूसरे के जीवन साथी हैं और जिस दौर में चुनावों में करोड़ों-अरबों रुपए सिर्फ प्रचार में, टिकट हासिल करने में खर्च हो जाते हैं उस दौर में चुनाव लड़ने की सोचना भी हिम्मत की बात मानी जाती है वो भी तब जब आपके कंधे पर किसी पार्टी का पट्टा नहीं बंधा हो । श्रीराम डाल्टन रांची से चुनाव लड़ने जा रहे हैं औऱ मेघा श्रीराम चतरा लोकसभा क्षेत्र से । दोनों डाल्टनगंज के रहने वाले हैं और दोनों में झाऱखंडियत कूट-कूट कर भरी है । मेघा ने फेसबुक पर लिखा कि
जोहार आप सभी को 
जय जगत! प्रणाम
उम्मीद है कि आपलोग एकदम ठीक होंगे।
गीत इकट्ठा करने के क्रम में गांव-गांव घूमती रही हूं झारखंड मे।
मैं हमेशा से प्रार्थना वाली महिला रही, और मेरा मानना है कि मैं गीत गाकर अपने जमीन का दुर्भाग्य बदल दूंगी।
मैं चतरा लोक सभा से चुनाव लड़ रही हूं और यह भी इसीलिए कर पा रही हूं क्योंकि मैं चापाकल चलाती हूं, क्योंकि मुझे पलायन करना पड़ता है इसीलिए चुनाव लड़ती हू, कोविड मे भाई को खो देना इसीलिए भी चुनाव लड़ती हू।
कारण ढेरो है,,,,,।
आज भारत में जहां चुनाव इतना महंगा हो गया है जो की लड़ा जाता है फॉर्च्यूनर से, बंदूक से, धन-बल से।
पर इसके इतर मैं तो धान रोपनी करने वाली साधारण महिला जो कि अपना और अपने पूरे परिवार का जीवन गीत गाकर चलाती हु और बिलीव करती हूं प्रकृति के नियम में।
मैं गांधीबाबा को गाते-गाते मै यह समझी कि मुझे फर्स्ट पर्सन बनना है अपने माई- माटी के लिए यह निर्णय ले पाए।
Change it certain
Victory is certain
नम म्योहो रेंगे क्यो #Nmhrk

प्यार !
मेघा
मेघा और श्रीराम डाल्टन दोनों फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हैं। मेघा ने बॉलीवुड में बनी कई मशहूर फिल्मों में गीत गाया हैं जिनमें शिवाय औऱ भक्षक जैसी फिल्में शामिल हैं । शिवाय में उन्होंने बोलो हर -हर औऱ भक्षक में गंगा पर गीत गाया है । इसके अलावा महात्मा गांधी पर नागपुरी अंदाज में उनके गीत डुगुर-डुगुर गांधी बाबा बहुत ही लोकप्रिय है । श्रीमराम डाल्टन ने 2018 में पानी के व्यवसायीकरण के खिलाफ मुंबई से झारखंड तक पैदल मार्च किया था ।
उनकी फिल्म द लॉस्ट बहरुपिया को ६१वें नेशनल फिल्म अवार्ड समारोह में कला और संस्कृति के क्षेत्र में श्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिल चुका है ।