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ED के पूर्व चर्चित अधिकारी कपिल राज का इस्तीफा स्वीकार, हेमंत सोरेन और अरविंद केजरीवाल को किया था गिरफ्तार

ED के पूर्व चर्चित अधिकारी कपिल राज का इस्तीफा स्वीकार, हेमंत सोरेन और अरविंद केजरीवाल को किया था गिरफ्तार

रांचीः 2009 बैच के पूर्व चर्चित आईआरएस अधिकारी कपिल राज का इस्तीफा राष्ट्रपति द्रोपर्दी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है। अपने कार्यकाल में कपिल राज ने कई हाईप्रोफाइल मामले को देखा। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ ईडी की जो कार्रवाई हुई वो उनके ही निगरानी में की गई। हालांकि हेमंत सोरेन के खिलाफ जिस तरह से ईडी ने कार्रवाई की थी उस पर झारखंड हाईकोर्ट ने बड़ी तीखी टिप्पणी की थी। हेमंत सोरेन को जमानत देते समय कोर्ट ने ईडी के कार्यप्रणाली पर तल्ख टिप्पणी की थी। कपिल ने मुंबई, दिल्ली, झारखंड और पश्चिम बंगाल में कई हाईप्रोफाइल मामले को देखा था।

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कपिल राज ने झारखंड में ईडी के जोनल कार्यालय में संयुक्त निदेशक और फिर अपर निदेशक के रूप में कार्य करते हुए झारखंड के हाईप्रोफाइल मामले को देखा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जमीन घोटाला मामले गिरफ्तार करने के साथ ही मनी लाउंड्रिंग के मामले की जांच के दौरान तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम, आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल, छवि रंजन को गिरफ्तार कर जेल भेजा। कपिल राज दिसंबर 2024 में प्रवर्तन निदेशालय से वापसी के बाद दिल्ली के अपने मूल विभाग डायरेक्टर जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विस इंटिलिजेंस के दिल्ली जोन के अपर आयुक्त के रूप में तैनात थे।

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ईडी से सेवा वापसी के बाद वह DDGI दिल्ली जोन में अपर आयुक्त के पद पर पदस्थापित थे। केंद्र सरकार ने उनका त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है। भारत सरकार ने उनका त्यागपत्र स्वीकार किये जाने से संबंधित आदेश जारी कर दिया है।कपिल राज प्रवर्तन निदेशालय (इडी) में आठ साल तक प्रतिनियुक्ति पर थे। केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में उन्हें झारखंड स्थित इडी के जोनल कार्यालय में संयुक्त निदेशक के पद का अतिरिक्त प्रभार दिया था। वह रांची में ही अपने पदस्थापन के दौरान संयुक्त निदेशक से अपर निदेशक के पद पर प्रोन्नत हुए।

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रांची में पदस्थापित रहते हुए कपिल राज ने अवैध खनन, जमीन घोटाला, ग्रामीण विकास में कमीशनखोरी और मनी लाउंड्रिंग सहित खूंटी में हुए मनरेगा घोटाले की जांच की। मनी लाउंड्रिंग की जाँच के दौरान उन्होंने आईएएस अधिकारियों सहित कई मंत्रियों को गिरफ़्तार कर जेल भेजा।कोलकाता में प्रभार के दौरान उन्होंने चर्चित इसीएल घोटाला। पशु तस्करी सहित अन्य महत्वपूर्ण मामलों की जांच की थी। दिसंबर 2024 में केंद्र सरकार ने ईडी से उनकी सेवा उनके पैतृक विभाग में वापस कर दी थी।

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