लोहरदगाः नगर भवन में जिला प्रशासन की ओर से आयोजित रबी कार्यशाला सह खेत बचाव अभियान कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सह विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया।

मौके पर डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि खेत केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, अस्तित्व और भविष्य की रीढ़ हैं। वर्तमान समय में मिट्टी की उर्वरता में लगातार कमी और खेती योग्य जमीन के स्वरूप में हो रहा बदलाव चिंता का विषय है। खेत बचाओ अभियान को केवल प्रशासनिक औपचारिकता तक सीमित न रखकर जन आंदोलन का रूप देना होगा। सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि किसानों को सिंचाई की आधुनिक सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज और उनकी उपज का उचित मूल्य मिले। खेत सुरक्षित रहेंगे तभी गांव सुरक्षित रहेंगे और गांवों की खुशहाली से ही राज्य तरक्की करेगा। किसानों के अधिकारों और उनकी जमीन की सुरक्षा के लिए हम जमीन से लेकर सदन तक मजबूती से खड़े हैं।

जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव ने कहा कि खेत बचाने का अर्थ जंगल और जमीन के बीच संतुलन बनाए रखना है। रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से बचते हुए जैविक खाद को अपनाने की जरूरत है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए मिट्टी की उर्वरता बरकरार रहे। पंचायतों के माध्यम से इस अभियान को गांव-गांव और प्रत्येक किसान तक पहुंचाया जाएगा।

उप विकास आयुक्त राज महेश्वरम ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों और खेतों तक पहुंचाना है। मनरेगा, बिरसा हरित ग्राम योजना, भूमि संरक्षण और जल संचयन के माध्यम से खेतों को कटाव से बचाने तथा सिंचाई क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई गई है। अभियान के तहत बंजर भूमि का सुधार, मेड़बंदी तथा तालाब और डैम निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और सरकारी योजनाओं से जुड़कर अपनी आय बढ़ाने की अपील की।

कांग्रेस नेता सह समाजसेवी रोहित उरांव ने कहा कि युवाओं को खेती-किसानी से जोड़ना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। रबी कार्यशाला सह खेत बचाओ अभियान का उद्देश्य आगामी रबी मौसम में गेहूं, चना, सरसों, मसूर और मटर जैसी फसलों की बेहतर पैदावार सुनिश्चित करने के साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति और प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखना है। जब तक नई पीढ़ी खेत और मिट्टी की अहमियत नहीं समझेगी, तब तक पलायन जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवा खेतों के संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और किसानों के अधिकारों की आवाज गांव-गांव तक पहुंचाएंगे। खेत बचेंगे, तभी युवाओं का भविष्य इस माटी में सुरक्षित रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया। मौके पर विधायक प्रतिनिधि निशिथ जायसवाल, सांसद प्रतिनिधि आलोक साहू, जिला कृषि पदाधिकारी कालेन खलखो, भूमि संरक्षण पदाधिकारी महितोष पाण्डेय, नमन सुरिन, विशाल डुंग डुंग, उपप्रमुख एनुल अंसारी, सज्जाद अंसारी, राजेश लाल, हातिम अंसारी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।








