लोहरदगाः जिले के भंडरा थाना क्षेत्र स्थित धनामुजी गांव में आग से झुलसने के बाद पति-पत्नी की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 22 वर्षीय अजीत उरांव और उसकी 18 वर्षीय पत्नी बाल्मीका कुमारी के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। पुलिस आग लगने के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
पहले पति की मौत, इलाज के दौरान पत्नी ने भी तोड़ा दम
भंडरा थाना क्षेत्र के धनामुजी गांव में हुई इस घटना में 22 वर्षीय अजीत उरांव और उसकी 19 वर्षीय पत्नी बाल्मीका कुमारी की जान चली गई। अजीत उरांव लोथे उरांव का पुत्र था। घटना के बाद परिजन दोनों को आनन-फानन में सदर अस्पताल लोहरदगा लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने अजीत को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से झुलसी बाल्मीका को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रिम्स रांची रेफर किया गया। हालांकि इलाज के दौरान बाल्मीका ने भी दम तोड़ दिया।

कमरे से उठता धुआं देख परिजनों को हुई जानकारी
घटना के समय अजीत अपनी पत्नी के साथ कमरे में था। इसी दौरान कमरे से आग और धुआं उठता देखकर घर के बाहर मौजूद परिजनों को घटना की जानकारी हुई। इसके बाद दोनों को कमरे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। कमरे के अंदर आग कैसे लगी और दंपती किन परिस्थितियों में इसकी चपेट में आए, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

घर वालों का कहना है कि अजीत पिछले कुछ महीनों से मानसिक रूप से बीमार था। उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहने के कारण वह कई दिनों तक पझरी पहाड़ पर भी रहने लगा था। कुछ दिन पहले वह काम करने की बात कहकर रांची चला गया था और करमा त्योहार के दौरान घर लौटा था। घटना के बाद ग्रामीणों के बीच अलग-अलग तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
वायरिंग का तार जला मिला, फोरेंसिक टीम करेगी जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद भंडरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। भंडरा थाना प्रभारी मनोज कुमार गुप्ता के अनुसार, घटनास्थल पर बिजली की वायरिंग का तार जला हुआ पाया गया है। आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है। घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्यों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।








