लोहरदगा : झारखंड के लोहरदगा शहर के राहत नगर में 19 वर्षीय नवविवाहिता साहिबा अली की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव ससुराल स्थित घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। मायके पक्ष ने दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाते हुए मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद स्वजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। साहिबा अली राहत नगर निवासी तबरेज आलम की पुत्री थी। करीब पांच महीने पहले उसकी शादी इसी इलाके के निवासी जीशान अंसारी से हुई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना के समय साहिबा अपने कमरे में थी। पति जीशान का कहना है कि किसी बात को लेकर नाराज होने के बाद वह कमरे में चली गई थी। उसके मुताबिक, साहिबा पहले भी नाराज होने पर कमरे का दरवाजा बंद कर लेती थी, इसलिए शुरुआत में उसे किसी अनहोनी का अंदेशा नहीं हुआ। कुछ देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर ससुराल वालों ने दरवाजा तोड़ा। अंदर साहिबा को फंदे से लटका देखकर उसे तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मायके पक्ष ने लगाया दहेज प्रताड़ना का आरोप
घटना की सूचना मिलने पर साहिबा के मायके वाले पहुंचे। उसके पिता तबरेज आलम ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही साहिबा को पति, सास और ननद द्वारा दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि ससुराल पक्ष की ओर से गाड़ी की मांग की जा रही थी। पिता ने बेटी की मौत पर संदेह जताते हुए पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस हर बिंदु पर कर रही जांच
पुलिस इंस्पेक्टर सह सदर थाना प्रभारी रत्नेश मोहन ठाकुर ने बताया कि पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सहायक अवर निरीक्षक रमेश तिवारी ने स्वजनों का बयान दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, बयान और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।







