पाकुड़ में आदिवासी छात्रों की हॉस्टल में पिटाई पर सियासत तेज, बाबूलाल बोले-हिम्मत नहीं हिंसा वाली सरकार

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July 27, 2024

पाकुड़ में आदिवासी छात्रों की हॉस्टल में पिटाई पर सियासत तेज,विरोध में निकाला गया, बाबूलाल बोले-हिम्मत नहीं हिंसा वाली सरकार

रांची: पाकुड़ के आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास के के एम कॉलेज में छात्रों पर देर रात हुए पिटाई मामले को लेकर बीजेपी सरकार पर हमलावर हो गई है। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने सरकार और जिला प्रशासन पर जमकर हमला बोला।
बाबूलाल मरांडी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह हिम्मत वाली सरकार नहीं है, बल्कि यह हिंसा करने वाली सरकार है…बीते रात अपने छात्रावास में सो रहे छात्रों के ऊपर वर्दीधारियों से बर्बरतापूर्ण हमला कराना न सिर्फ हेमंत की कु- मानसिकता को दर्शाता है बल्कि उनके कुकृत्यों को भी उजागर करता है। बांग्लादेशी घुसपैठियों का विरोध, कब से हेमंत सरकार का विरोध करना हो गया, जो पुलिस भेज कर छात्रों को पीटा और प्रताड़ित किया जा रहा है। लोकतंत्र में आवाज उठाना कब से गुनाह हो गया है, जिसकी इतनी बड़ी सजा दी जा रही है। अपने अधिकारों की मांग करना, अपने अधिकारों की रक्षा करना, कब से गैर कानूनी हो गया है, जिसकी सजा कानून के तहत ऐसे दी जा रही है।मुख्यमंत्री महोदय बस इतना याद रहे कि आप रंगों की होली नहीं, बल्कि खून की होली खेल रहे हैं, जिसका अंजाम बहुत ही विकराल और भयावह होगा।

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हेमंत जी, अपनी मां-बहनों की रक्षा के लिए घुसपैठ के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवा छात्रों पर अत्याचार और बाहरियों पर इतना प्रेम बरसाने की वजह क्या है? बांग्लादेशी घुसपैठिए झारखंड की अस्मिता और अस्तित्व के लिए खतरा बने हुए हैं। इन्हें संरक्षण देकर आप प्रदेश की साढ़े तीन करोड़ जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इस घटना में संलिप्त जितने भी पुलिसवाले शामिल हैं, उनके विरुद्ध मुक़दमा दर्ज कर कठोर कारवाई करें। DC पाकुड़ सभी घायल छात्रों के ईलाज का उचित प्रबंध करें।

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वही नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने कहा कि छात्रों द्वारा बताया कि उपद्रवी लगभग 100 की संख्या में लाठी, डंडे और हथियार से लैस होकर आए थे। सोये हुए छात्रों पर अचानक धावा बोल दिया, जिसे किसी को भी संभालने का मौका नहीं मिला। उन लोगों ने जमकर तांडव और उत्पाद मचाया। कुछ बच्चे घटना के बाद से ही गायब है। दमनकारी झामुमो-कांग्रेस-राजद सरकार पाकुड़ को जहां बांग्लादेशियों का चारागाह बना रही है तो वही मूलवासी-आदिवासी जनमानस के आक्रोश व विरोध को लाठी-डंडे के माध्यम से दबाने का प्रयास कर रही है। ध्यान रहे ठगबंधन सरकार : जुल्मी कब तक जुल्म करेगा सत्ता के गलियारों से, चप्पा चप्पा गूंज उठेगा उलगुलान के नारों से। पाकुड़ जिला के उपायुक्त व पुलिस प्रशासन चिन्हित करें और कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। पाकुड़ में कानून का राज स्थापित किया जाए ना की गुंडों का …

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