रांचीः मंगलवार को झारखंड विधानसभा में कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया। गिरिडीह डीसी का जल सहिया बहनों के साथ बर्ताव, इटखोरी सीओ द्वारा छेड़खानी के आरोपी की पिटाई और रजरप्पा में युवक की पिटाई के मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि झारखंड में हेमंत सोरेन और मंत्रियों की नहीं बल्कि बाबुओं की सरकार है। उन्होंने कहा कि दुमका में पिछले महीने मजदूर यूनियन के नेता को गोली लगी थी एक महीने बाद भी अपराधी पकड़े गए ये बताता है कि झारखंड में कैसी कानून-व्यवस्था है। ये अबुआ सरकार है कैसे लगेगा क्योंकि कानून व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था ठप हो गई है। इसी बीच आसन के समीप विपक्ष के विधायक प्रदर्शन करने लगे। हंगामे के बीच आजसू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो को मार्शल आउट भी करना पड़ा।
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मंत्री का पलटवार
सरकार की ओर से मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष प्रश्नकाल नहीं चलने देने की बात कर रहे हैं, जबकि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में उन्होंने इस विषय को नहीं उठाया।उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि विपक्ष गंभीर चर्चा नहीं चाहता, बल्कि सिर्फ अखबारों की सुर्खियां बनाना चाहता है। मंत्री ने कहा कि यदि कहीं भ्रष्टाचार या प्रशासनिक लापरवाही है तो विपक्ष स्पष्ट रूप से बताए, सरकार कार्रवाई करने को तैयार है।
आसन के समक्ष पहुंचे विधायक, बढ़ा तनाव
बहस के दौरान माहौल तब और गरमा गया जब आजसू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो तमतमाते हुए आसन के समक्ष पहुंच गए। उन्होंने रिपोर्टर टेबल पर मुक्का मारा।हंगामे के बीच तिवारी महतो को मार्शल आउट कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद विपक्ष ने जोरदार शोरगुल किया और सत्ता पक्ष पर विधायकों को उकसाने का आरोप लगाया।सत्तारूढ़ दलों के विधायक भी इस दौरान उत्तेजित हो गए, हालांकि मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
स्पीकर की कड़ी टिप्पणी
विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने तिवारी महतो के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधि से ऐसे आचरण की अपेक्षा नहीं की जाती।उन्होंने कहा कि रिपोर्टर टेबल को पीटना असंसदीय आचरण है और यह सदन की गरिमा के अनुकूल नहीं है। स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष से भी कहा कि वे अपने विधायक के आचरण को देखें।
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सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने तिवारी महतो के व्यवहार की आलोचना करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने दावा किया कि सत्ता पक्ष के विधायकों ने तिवारी महतो को उकसाया, जिसके कारण स्थिति बिगड़ी।
मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार की ओर से बार-बार विपक्षी विधायकों से बैठने का आग्रह किया गया, लेकिन तिवारी महतो का आचरण उचित नहीं था और भाजपा विधायकों द्वारा उसका समर्थन करना भी गलत है।
बाबूलाल मरांडी का पलटवार
इस पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने फिर पलटवार करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष के विधायकों के उकसावे के कारण ही ऐसी स्थिति बनी।
मंत्री की नसीहत
बहस के दौरान मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि विधानसभा ठीक ढंग से चल रही है और इसके लिए स्पीकर धन्यवाद के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि रजरप्पा मामले में सरकार ने डीजीपी के निर्देश पर कार्रवाई भी की है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि मेज पटकने से दर्द कम नहीं होता। साथ ही उन्होंने कहा कि राजनीति में आचरण का महत्व होता है और आजसू विधायक को अपने व्यवहार पर खेद प्रकट करना चाहिए।




