बिहार के पूर्व विधायक सतीश कुमार का निधन, कुर्मी चेतना महारैली से बनाई थी अलग पहचान

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March 10, 2026

बिहार के पूर्व विधायक सतीश कुमार का निधन, कुर्मी चेतना महारैली से बनाई थी अलग पहचान

पटनाः अस्थावां और सूर्यगढ़ा के पूर्व विधायक सतीश कुमार का निधन हो गया। ब्रेन हैमरेज के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई थी और उन्हें पटना के फोर्ड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने मंगलवार की सुबह पौने सात बजे अंतिम सांस ली।उनके निधन की खबर से नालंदा सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। सतीश कुमार मूल रूप से शेखपुरा जिले के बरबीघा प्रखंड के सर्वा गांव के निवासी थे। उनका जन्म वर्ष 1948 में हुआ था। वे सामाजिक और राजनीतिक रूप से सक्रिय नेताओं में गिने जाते थे।

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कुर्मी चेतना महारैली से बनाई अलग पहचान
12 फरवरी 1994 को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित विशाल और अनुशासित कुर्मी चेतना महारैली के आयोजन के कारण सतीश कुमार की पहचान पूरे बिहार में बनी।इस रैली का उद्देश्य कुर्मी समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाना और सामाजिक चेतना को मजबूत करना था। उस समय कुर्मी, कोइरी और अतिपिछड़ा समाज को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया था।
1990 में पहली बार बने विधायक
सतीश कुमार ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत संघर्ष के साथ की। उन्होंने सबसे पहले शेखपुरा से तत्कालीन विधायक राजो सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा। वर्ष 1990 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के टिकट पर सूर्यगढ़ा से पहली बार विधायक बने।
इसके बाद 1995 में अस्थावां से निर्दलीय विधायक चुने गए और वर्ष 2001 में समता पार्टी से भी विधायक रहे। साल 2009 में उन्होंने नालंदा से लोक जनशक्ति पार्टी के टिकट पर लोकसभा चुनाव भी लड़ा था, जिसमें वे दूसरे स्थान पर रहे।

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परिवार में एक पुत्र और दो पुत्रियां
उनके परिवार में एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। उनके पुत्र मुकेश कुमार ने वर्ष 2005 में चुनाव लड़ा था। उनकी एक बेटी स्मृति सिन्हा अमेरिका में रहती हैं, जबकि दूसरी बेटी शबनम लता ने वर्ष 2025 में अस्थावां से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।
नेताओं और समर्थकों में शोक
सतीश कुमार के निधन पर क्षेत्र के नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। अस्थावां के विधायक डॉ. जितेंद्र कुमार ने कहा कि सतीश बाबू उनके लिए अभिभावक समान थे और समाज के लिए उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।पूर्व जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार ने भी उनके निधन को समाज के लिए बड़ी क्षति बताया। सतीश कुमार के निधन की खबर से उनके समर्थकों और समाज के लोगों में शोक का माहौल है।

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