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रशियन लड़कियों के साथ लेना पड़ता है ‘लाइन’ का नशा, अच्छे घरों के युवा-युवती चपेट में

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आगराः जिस्म के बाजार में रशियन लड़कियों के साथ अब ‘लाइन’ का नशा भी खूब चलता है। आगरा में पकड़े गए इस नशे के तीन विक्रेताओं ने धंधे का राजफाश करते हुए बताया कि देह व्यापार से जुड़े लोग लाइन का नशा भी रखते हैं। जो ग्राहक रशियन युवतियों की मांग करते हैं वे युवतियों के साथ नशा भी खरीदते हैं। माना जाता है यह नशा मूड और एनर्जी बढ़ा देता है। आगरा में ही प्रतिदिन लाखों का नशा बिक जाता है।

इन विक्रेताओं से पूछताछ में सामने आई सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अच्छे घरों के युवक और युवतियां भी इस सिंथेटिक ड्रग्स एमडीए (एम्फैटेमिन) की गिरफ्त में आ रहे हैं। इसका नशा ठीक वैसे ही किया जाता है जैसे फिल्मों में दिखाते हैं। सफेद पाउडर की लाइन बनाई। करारे नोट का रोल बनाया और उससे नाक के रास्ते पाउडर को अंदर खींच लिया जाता है। युवा इसे लाइन का नशा कहते हैं। सिकंदरा पुलिस ने एमडीए बेचने वाले तीन युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। उनसे बरामद महज 12.6 ग्राम नशीले पदार्थ की कीमत 80 हजार रुपये है।

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डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि सिकंदरा पुलिस ने ड्रग्स बेचने के आरोप में तीन युवकों को पकड़ा। तलाशी ली तो उनके पास से 12.6 ग्राम पाउडर मिला। आरोपियों ने बताया कि नशीला पाउडर एमडीए है। आगरा में युवा इसे लाइन का नशा बोलते हैं। एक ग्राम की पुड़िया छह से सात हजार रुपये में बिकती है। युवक नहीं बड़ी संख्या में युवतियां भी इसका नशा करती हैं। वे नए ग्राहकों को माल नहीं देते। पुराने ग्राहक ही व्हाट्सएप पर माल की मांग करते थे। वे उन्हें रास्ते में कहीं भी मिल जाया करते थे। पुड़िया पकड़ा देते हैं।

पुलिस ने नशे के बारे में एएनटीएफ के विशेषज्ञों से बात की। उन्होंने बताया कि एमडीए व एमडीएमए दोनों सिंथेटिक ड्रग्स हैं। जो एम्फ़ैटेमिन नामक यौगिकों से प्राप्त होते हैं। एमडीए लेने के बाद तीन मस्तिष्क रसायन डोपामाइन, नोरेपिनेफ्रिन और सेरोटोनिन में वृद्धि होती है। न्यूरोट्रांसमीटर में यह उछाल नशा करने वाले के मूड और ऊर्जा में वृद्धि कर देता है। इसका असर कई घंटे तक रहता है। नींद तक उड़ जाती है।

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बसई खुर्द, ताजगंज निवासी पवन निगम, नदीम खान (नाई की मंडी), मोहित राठौर (मुरली नगर, ताजगंज) को पकड़ा गया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें ड्रग्स एमपीपुरा, ताजगंज निवासी डेविड देता है। वह इसे बाहर से मंगाता है। उन्हें नहीं पता कि किससे खरीकर लाता है। पुलिस डेविड की तलाश कर रही है। छानबीन में पता चला है कि रूफ टॉप और होटलों में होने वाली पार्टियों में भी डेविड की सप्लाई रहती थी।

पुलिस को जानकारी मिली है कि लाइन की डिमांड सबसे ज्यादा फतेहाबाद मार्ग पर है। अकेले ताजगंज क्षेत्र में दो दर्जन रूफ टॉप हैं। पार्टियों में युवक-युवतियां टॉयलेट में जाकर इस नशे को करके बाहर आ जाते हैं। पार्टी में जाने से पहले गाड़ी में बैठकर पहले लाइन का नशा करते हैं। इस नशे की गिरफ्त में फिलहाल पैसे वाले और उनकी चापलूसी करने वाले युवा शामिल हैं। जो गाड़ियों में साथ चलते हैं।

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