नीतीश कुमार आज दे सकते हैं विधानपरिषद से इस्तीफा, छह महीने तक रह सकते हैं मुख्यमंत्री, नितिन नबीन पर संस्पेंस बरकरार

नीतीश कुमार आज दे सकते हैं विधानपरिषद से इस्तीफा, छह महीने तक रह सकते हैं मुख्यमंत्री, नितिन नबीन पर संस्पेंस बरकरार

पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद सोमवार को बिहार विधानपरिषद से इस्तीफा दे सकते है। वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी आज पटना पहुंचकर विधायक पद से इस्तीफा दे सकते है, हालांकि उनके इस्तीफे पर सस्पेंस बरकरार है।हालांकि विधानपरिषद सदस्य के रूप में इस्तीफा देने के बाद भी नीतीश कुमार अधिकतम छह महीने तक मुख्यमंत्री बने रह सकते है।

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रविवार को नितिन नबीन विधायक पद से इस्तीफा देने वाले थे लेकिन वो असम में चुनाव प्रचार करने चले गये। नितिन नबीन का इस्तीफा लगातार दूसरे दिन टल गया। नितिन नबीन के इस्तीफे को लेकर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार सुबह 7 बजे ही विधानसभा पहुंच गये लेकिन बांकीपुर सीट से विधायक का पद छोड़ने वाले नितिन नबीन नहीं आए। नीतीश कुमार के भी इस्तीफा देने की चर्चा थी लेकिन रविवार को उनके आवास पर करीबियों के साथ मंथन हुआ। मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही है।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार दिल्ली में थे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इमरजेंसी कॉल पर उनको दिल्ली से पटना बुला लिया। प्रेम कुमार को दिल्ली में स्वागत समारोह कार्यक्रम में हिस्सा लेना था लेकिन बुलावे पर वह अपने तयशुदा कार्यक्रम को छोड़कर पटना आ गए। रविवार सुबह विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार हरकत में दिखे और इस्तीफा स्वीकार करने के लिए सदन के अंदर आ गए। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि रविवार को हमारा दिल्ली में कार्यक्रम था और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने मुझे फोन कर पटना बुलाया। मैंने अपना कार्यक्रम स्थगित करते हुए पटना आने का निर्णय लिया।रविवार को सुबह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के विधानसभा पहुंचने की सूचना थी लेकिन किसी कारणवश वो विधानसभा नहीं पहुंच पाए।

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दोनों नेताओं के इस्तीफे को लेकर बिहार में इन दिनों राजनीतिक गलियारे में कई तरह की चर्चा है। नियम का हवाला भी दिया जा रहा है।BJP के नेता शायद नीतीश कुमार का अभी इंतजार कर रहे हैं।30 मार्च को अंतिम तिथि है और कायदे से दोनों नेताओं को 30 मार्च से पहले अपने-अपने सदन से इस्तीफा कर देना है।संविधान और जनप्रतिनिधित्व कानून के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति एक साथ संसद राज्यसभा/लोकसभा) और राज्य विधानसभा का सदस्य नहीं रह सकता। हालांकि, चुनाव जीतने के बाद तत्काल इस्तीफा देना जरूरी नहीं होता।राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद नेता को निर्वाचन की अधिसूचना (Notification) जारी होने से लेकर लगभग 14 दिन के भीतर किसी एक पद का चयन करना होता है।अगर वह समय पर इस्तीफा नहीं देते, तो उनकी एक सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है।

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दरअसल, राज्यसभा सांसद के तौर पर निर्वाचित होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही सीएम की कुर्सी छोड़ने वाले हैं। इस बात से जेडीयू के भीतर खलबली मची हुई है। पार्टी के कई बड़े नेता नहीं चाहते हैं कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़े हालांकि वह इस बात को सुनने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में पार्टी का एक गुट चाहता है कि निशांत कुमार ही सीएम बनें। पूर्व सांसद आनंद मोहन से लेकर बाहुबली नेता अनंत सिंह तक ने इस मांग का खुलकर समर्थन किया है।

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