निशि पांडेय झारखंड की पहली लेडी डॉनः अंबा प्रसाद से था 36 का आंकड़ा जिसे SIT ने किया गिरफ्तार

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January 8, 2025

निशि पांडेय झारखंड की पहली लेडी डॉनः अंबा प्रसाद से था 36 का आंकड़ा जिसे SIT ने किया गिरफ्तार

रांची: झारखंड के पहले लेडी डॉन कही जाने वाली निशि पांडे को मंगलवार को एसआईटी ने रामगढ़ के पतरातू से गिरफ्तार किया। पांडेय गिरोह के दो गुर्गे की पलामू में हत्या के मामले में एसआईटी ने निशि पांडे और उसके भाई निशांत सिंह को गिरफ्तार किया है। पलामू के चैनपुर थाना क्षेत्र स्थित गरदा गांव में भरत पांडे और दीपक साव की हत्या रविवार रात को कर दी गई। गैंगवार में हुई इस हत्या में करीब तीन दर्जन खोखे मृतक के शरीर से बरामद किये गए।

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मंगलवार रात भरत पांडेय के पिता प्रदीप पांडये के द्वारा दर्ज कराये गए प्राथमिकी के आधार पर निशि पांडये और निशांत सिंह को गिरफ्तार किया गया। निशि पांडेय के पति गैंगस्टर किशोर पांडेय की जमशेदपुर में हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या के बाद निशि पांडे के रिश्तेदार और विकास तिवारी और निशि पांडे मुख्य रूप से इस गैंग का संचालन कर रहे है।

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पांडेय गिरोह गैंगवार मामले में निशि पांडेय और निशांत सिंह समेत कई गिरफ्तार
पांडेय गिरोह का 5 जी कनेक्शन

कोयलांचल के इलाके में सिंह मेन्शन के वर्चस्व की अपनी कहानी है लेकिन रामगढ़, पतरातू, बरकाकाना, बड़गांव, भुरकुंडा इलाके में पांडेय गिरोह का वर्चस्व है। पलामू के गैंगवार में मारे गए भरत पांडये और दीपक साव की हत्या पांडेय गिरोह के वर्चस्व से ही जुड़ी हुई है। भरत पांडेय जो पांडेय गिरोह से जुड़ा हुआ था और दीपक साव जो अमन साहू गैंग से जुड़ा हुआ था।

सूत्र बताते है कि दोनों ने अपने अपने गिरोह से अलग होकर पैसे की वसूली शुरू कर दी थी, इसके कारण वो पांडेय गिरोह की नजरों में आ गया और उसकी हत्या हो गई। पांडेय गिरोह जिसका संचालन अब विकास तिवारी और निशि पांडेय कर रही है उन्हे ये नागवार गुजरा। एसआईटी ने पांडेय गिरोह के दोनों गुर्गो की हत्या मामले में निशि पांडेय और उसके भाई निशांत सिंह गिरफ्तार किया। पांडेय गिरोह में 5 जी की चर्चा आम है। 5 जी की शुरूआत भोला पांडेय से होती है जिन्हे 2 जी कोड वर्ड में कहा जाता रहा है।

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भोला पांडेय की हत्या 2009 में जेल से ट्रांसफर करने के दौरान सुनील श्रीवास्व गैंग ने कर दी थी। इसमें गैंगस्टर अमरेंद्र तिवारी का भी नाम आया था। भोला पांडेय के बाद किशोर पांडेय ने इस पूरे गैंग की कमान संभाली लेकिन 15 अक्टूबर 2014 को उसकी हत्या जमशेदपुर में कर दी गई। इसके बाद भोला पांडे के रिश्तेदार विकास तिवारी और निशि पांडेय ने गिरोह की जिम्मेदारी संभाली। 2 अगस्त 2015 को दिल्ली के कनॉट प्लेस से विकास तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया और संजीव श्रीवास्तव की हत्या मामले में सजायाफ्ता होकर वो अभी जेल में बंद है। कहा जाता है कि विकास तिवारी टेलीग्राफ के माध्यम से अपने गैंग का संचालन अब भी जेल से करता है वही निशि पांडेय पतरातू में रहकर पूरे गैंग को ऑपरेट करती है।

निशि पांडे जिसे पतरातू में लोग समाजसेवी भी कहते है, वो अपनी अलग राजनीति महत्वाकांक्षा रखती है। इसी वजह से वो पूर्व मंत्री सरयू राय की पार्टी में शामिल हुई थी और उस पार्टी की केंद्रीय महासचिव तक बन गई थी। सरयू राय ने अपनी पार्टी का जेडीयू में विलय कर लिया और जेडीयू ने झारखंड में विधानसभा का चुनाव बीजेपी के साथ गठबंधन में लड़ा। ऐसी स्थिति में बड़कागांव से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही निशि पांडये ने विधानसभा चुनाव के दौरान गिरिडीह से आजसू पार्टी के सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी के भाई रौशन लाल चौधरी को अपना समर्थन दे दिया। कोयला पर वर्चस्व को लेकर अंबा प्रसाद के परिवार और पांडेय गिरोह की अदावत रही है। रामगढ़, पतरातू, बरकाकाना, बड़कागांव, भुरकुंडा में अंबा प्रसाद के परिवार और निशि पांडेय के बीच वर्चस्व का नतीजा ये निकला कि अंबा प्रसाद चुनाव हार गई लेकिन आज की तारीख में निशि पांडेय भी पुलिस की गिरफ्त में है।

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