रांचीः झारखंड में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें न्यूज-11 चैनल के संचालक अरुप चटर्जी ने आईपीएस संजीव कुमार और डीएसपी अमर कुमार पांडेय पर उनकी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री, डीजीपी और रांची एसएसपी को लिखित शिकायत दी
अवैध खनन और तस्करी का पर्दाफाश
अरुप चटर्जी ने अपने आवेदन में बताया है कि वे खनिज संपदा के अवैध खनन और तस्करी के मामलों को उजागर करते रहे हैं। मार्च से जून 2022 के बीच धनबाद में हो रहे कोयले के अवैध खनन और तस्करी का उन्होंने अपने चैनल के माध्यम से पर्दाफाश किया था। इसके बाद, 16 जुलाई 2022 को फर्जी मुकदमे में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और करीब 9 महीने तक जेल में रखा गया। इस दौरान उनके खिलाफ कई फर्जी प्राथमिकी दर्ज की गई।
ऑनलाइन प्राथमिकी और हत्या की साजिश
अरुप चटर्जी ने मानवाधिकार के आधार पर 11 मई को एक ऑनलाइन प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें कई कोयला तस्करों और पुलिस अधिकारियों का नाम शामिल था। उन्होंने आरोप लगाया है कि 5 जून को विश्वस्त सूत्रों से उन्हें पता चला कि आईपीएस संजीव कुमार और डीएसपी अमर पांडेय ने उनकी हत्या की योजना बनाई है। इस संबंध में उन्होंने रांची एसएसपी को सशरीर उपस्थित होकर जानकारी
कोर्ट में चल रहा है मामला
अरुप चटर्जी ने इस मामले को लेकर रांची सीजेएम कोर्ट में (3527/2024) सनहा दर्ज कराया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि धनबाद के तत्कालीन एसएसपी संजीव कुमार और अन्य पुलिस अधिकारियों की सह पर 500-600 ट्रक कोयले की रोजाना अवैध तस्करी होती थी। उन्होंने कहा कि इस अवैध तस्करी से करीब 8000 करोड़ रुपये की कमाई की गई है।
अवैध खनन की शिकायत
चैनल मालिक ने 11 मई को ऑनलाइन एफआईआर भी दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने संजीव कुमार पर अवैध कोयला कारोबार में लिप्त होने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, बाघमारा, कतरास और निरसा के क्षेत्रों में बंद और गैर-परिचालन खदानों से कोयला खनन किया जाता था । इस गंभीर मामले की जांच की मांग करते हुए अरुप चटर्जी ने अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। अगर उनके साथ कोई घटना होती है तो उन्होंने एफआईआर में नामित लोगों को जिम्मेदार ठहराया है।




