रांचीः झारखंड में नक्सल के खिलाफ चल रहे निर्णायक अभियान से नक्सलियों के बीच बेचैनी बढ़ गई है। सारंडा, लातेहार, पलामू, में चल रहे ऑपरेशन से नक्सलियों के बीच खलबली मची हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कई नक्सलियों की हिम्मत टूट गई है और अब वो सरेंडर करने की तैयारी कर रहे है।
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झारखंड पुलिस ने पिछले महीने तीन बड़े इनामी नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया था, जिसके बाद इलाके में सक्रिय नक्सली संगठनों में अंदरूनी टूट और भय का माहौल देखा जा रहा है। झारखंड पुलिस की लगातार कार्रवाई से झारखंड में नक्सलियों के बीच दहशत है। खासकर जब से बोकारो, लातेहार ओर पलामू में नक्सलियों के साथ एनकाउंटर हुआ है, तब से नक्सलियों में बेचैनी ज्यादा बढ़ गई है ओर कई नक्सली आत्मसमर्पण कर सकते हैं। हालांकि अभी तक कयास लगाए जा रहे हैं लेकिन नक्सलियों में भय का माहौल है और सरेंडर कर सकते हैं।
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सारंडा इलाके में केंद्रीय बलों की मदद से भाकपा माओवादियों के ईआरबी सचिव मिसिर बेसरा, सेंट्रल कमेटी मेंबर पतिराम मांझी और आकाश मंडल उर्फ तिमिर, अनमोल के दस्ते के खिलाफ अभियान जारी है. सारंडा में चल रहे निर्णायक ऑपरेशन को लेकर भाकपा माओवादी दबाव में हैं।झारखंड के लातेहार और पलामू जिले में पुलिस ने पिछले महीने तीन बड़े इनामी नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया था, जिसके बाद इलाके में सक्रिय नक्सली संगठनों में अंदरूनी टूट और भय का माहौल देखा जा रहा है।
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पुलिस की इन कार्रवाइयों के बाद नक्सली संगठन में अस्तित्व का संकट उत्पन्न हो गया है। पुलिस के अनुसार, लगातार छापेमारी और मुठभेड़ से बचने के लिए नक्सली अपने सुरक्षित ठिकानों में छिप गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, कई नक्सली आत्मसमर्पण की योजना बना रहे हैं और कुछ ने संगठन से दूरी बनानी शुरू कर दी है।




