देवघरः श्रावण माह की दूसरी सोमवारी को लेकर बाबा बैद्यनाथधाम मंदिर में तैयारियां पूरी कर ली गयी है। अनुमान है कि सोमवार को तीन लाख से अधिक कांवरिये बाबा के दरबार में जलार्पण के लिए पहुंचेंगे। पहली सोमवारी के अनुभव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के और सख्त इंतजाम किये गए है।

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सुल्तानगंज से जल उठाकर लाखों श्रद्धालु देवघर पहुंच रहे है। रात भर कांवरियां पथ और देवघर बोल बम के नारों और जयकारों से गूंजता रहा। उमस और गर्मी से परेशान कांवरियों के लिए जगह-जगह फव्वारें और इंद्र वर्षा के साथ मिस्ट कूलिंग के इंतजाम किये गए है। सोमवार को मंदिर में किसी प्रकार की विशेष सुविधा नहीं मिलेगी। प्रशासन ने पहले ही निर्णय लिया है कि कूपन आधारित जलार्पण व्यवस्था इस दिन स्थगित रहेगा। जलार्पण के लिए सिर्फ दो विकल्प दिये गए है। पहला, मुख्य अरघा के लिए सामान्य कतार और दूसरा बाबा मंदिर के निकास द्वार पर स्थित बाह्रा अरघा। अरघा को अस्थायी रूप से हटाकर बाबा की बेलपत्र पूजा का आयोजन किया गया है। जो लगभग 30 मिनट तक चलेगा। यह विशेष पूजा सिर्फ पुरोहित समाज के लिए है।

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बता दें कि जिला प्रशासन की तरफ से दुम्मा द्वार से लेकर बैद्यनाथ मंदिर परिसर तक कुल 11 स्थानों पर इंद्र वर्षा और फव्वारे का इंतजाम किया गया है। जहां लोग स्वच्छ पानी से खुद को भींगा कर तरोताजा महसूस करते हैं। श्रद्धालुओं ने कहा कि जब शरीर पर साफ पानी पड़ता है तो आनंद की अनुभूति होती है और सारी थकान मिट जाती है। वहीं फव्वारे में स्नान करने के बाद एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि 105 किलोमीटर का सफर करने के बाद मंदिर पहुंचने से पहले फव्वारे के पानी से खुद को भींगाने से आनंद की प्राप्ति होती है। इसके अलावा मंदिर पहुंचने से पहले शरीर पर पानी के छिड़काव होने से तन और मन में पवित्र हो जाता है।
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मालूम हो कि देवघर ड्राई जोन के रूप में जाना जाता है, लेकिन उसके बावजूद श्रद्धालुओं को पर्याप्त पानी मुहैया करवाने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम दिन-रात मेहनत करता दिख रहा है। नगर निगम की तरफ से पूरे मेला क्षेत्र में 70 वाटर टैंकरों से पानी की सुविधा उपलब्ध करायी गई है। इसके अलावा विभिन्न नदियों से प्रतिदिन पानी का उठाव कर उसकी सफाई कराई जाती है और फिर श्रद्धालुओं के पास उस पानी को उपयोग के लिए भेजा जाता है।




