पटनाः दरभंगा के अलीनगर से बीजेपी विधायक रहे मिश्री लाल यादव की विधानसभा सदस्यता जल्द बहाल हो जाएगा। विधानसभा के अंतिम सत्र के दौरान मिश्री लाल यादव ने हाईकोर्ट से मिली राहत के बाद विधानसभा के अध्यक्ष नंदकिशोर यादव से मुलाकात की।
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एमपी-एमएलए कोर्ट से मिली दो साल की सजा के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म हो गई थी। पटना हाईकोर्ट ने मिश्री लाल यादव को राहत देते हुए निचली अदालत के फैसले को रद्द कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव से मुलाकात के बाद मिश्री लाल यादव ने कहा कि “माननीय पटना उच्च न्यायालय ने सिविल कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया है। ऐसे में आज हमने विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर उस फैसले की जानकारी दी है. आज मेरी सदस्यता फिर से बहाल हो जाएगी।”
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मिश्रीलाल यादव का विवादों से भी रिश्ता रहा। निचली अदालत ने मिश्रीलाल यादव को 2019 के एक मामले में 2 साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता को रद्द कर दिया गया था। नीतीश सरकार जब 2024 में विश्वास मत प्राप्त कर रही थी, तब भी उनका नाम सुर्खियों में आया था। हालांकि उन्होंने एनडीए के पक्ष में ही मतदान किया था।
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मिश्रीलाल यादव 2020 में विकासशील इंसान पार्टी के टिकट पर दरभंगा के अलीनगर सीट से विधानसभा का चुनाव जीते थे।हालांकि बाद में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे।मिश्रीलाल यादव ने राजनीतिक जीवन की शुरुआत मुखिया चुनाव जीतने से की थी। अली नगर से विधायक चुने जाने से पहले विधान पार्षद भी बने थे। 2025 चुनाव में भी वह बीजेपी के सिंबल से अपनी दावेदारी जता रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनको पूरी उम्मीद है कि पार्टी उनको दोबारा मौका देगी।





