पटनाः बिहार के चर्चित एवं विवादित यूट्यूबर और पूर्व बीजेपी नेता ने बुधवार को जनसुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मनीष कश्यप के जनसुराज पार्टी ज्वाइन करने की तारीख तय हो गई। मनीष कश्यप 7 जुलाई को प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी में शामिल होंगे जो बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और महागठबंधन के अलावा वोटर के सामने तीसरा विकल्प बनने की कोशिश कर रही है। मनीष कश्यप के भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) छोड़ने के बाद से उनके जन सुराज पार्टी में शामिल होने की अटकलें थीं। बुधवार को पटना में प्रशांत किशोर ने मनीष कश्यप से मुलाकात की, जिसके बाद उन्हें जन सुराज में लेने को हरी झंडी मिली है। मनीष पहले पार्टी के संस्थापक नेता वाईवी गिरी से भी मिले थे।
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मनीष कश्यप 2000 का विधानसभा चुनाव पश्चिम चंपारण जिले की चनपटिया सीट से निर्दलीय लड़े थे और तीसरे नंबर पर रहे थे। मनीष कश्यप ने 2024 का लोकसभा चुनाव पश्चिम चंपारण से लड़ने का ऐलान किया था, जिस सीट से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे संजय जायसवाल चार बार से जीत रहे हैं। दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कश्यप को मनाकर भाजपा में शामिल कराया था और तब वो चुनाव लड़ने से पीछे हटे थे। मनीष 2025 का चुनाव चनपटिया से लड़ना चाहते हैं और एक मजबूत पार्टी की तलाश में थे। उनकी नजर स्कूल बैग चुनाव चिह्न वाले जन सुराज पार्टी पर थी।
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मनीष कश्यप ने मुलाकात की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा- “जन सुराज के सूत्रधार और बिहार का भविष्य संवारने की दृढ़ इच्छाशक्ति रखने वाले प्रशांत किशोर को आज मैंने भारतीय संविधान भेंट किया। मुझे पूर्ण विश्वास है कि बिहार में संविधान की रक्षा और उसके मूल्यों की पुनः स्थापना तभी संभव है, जब बिहारी न केवल बिहार में, बल्कि देश-विदेश में भी सुरक्षित और सम्मानित होंगे। और इस संकल्प को साकार करने के लिए प्रशांत किशोर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
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मनीष ने कहा है- “करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्रोत प्रशांत किशोर के साथ चलकर नए बिहार के निर्माण में सहभागी बनने का मैंने निर्णय लिया है। अपने सभी समर्थकों और शुभचिंतकों से विचार-विमर्श के बाद यह घोषणा करता हूं कि 7 जुलाई को मैं औपचारिक रूप से जन सुराज से जुड़ रहा हूं। इस ऐतिहासिक दिन पर सभी शुभचिंतकों को बिहार के सबसे बड़े सभागार – बापू सभागार में सादर आमंत्रित करता हूं। आइए, जन सुराज के साथ नया बिहार बनाएं।”












