20 मई को बंद रहेंगी लोहरदगा की दवा दुकानें,ऑन-लाइन बिक्री का विरोध, पवन गौतम ने कहा-ई-फार्मेसी पर दवा कारोबारियों का प्रहार

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May 19, 2026

20 मई को बंद रहेंगी लोहरदगा की दवा दुकानें,ऑन-लाइन बिक्री का विरोध, पवन गौतम ने कहा-ई-फार्मेसी पर दवा कारोबारियों का प्रहार

लोहरदगा : ऑनलाइन फार्मेसी और अवैध ई-फार्मेसी गतिविधियों के विरोध में बुधवार 20 मई को जिले की दवा दुकानें बंद रहेंगी। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के राष्ट्रव्यापी बंद के आह्वान को लोहरदगा जिले के दवा व्यवसायियों ने समर्थन दिया है। इसे लेकर दवा कारोबारियों ने केंद्र सरकार से अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के लोहरदगा जिला सचिव पवन गौतम ने कहा कि ई-फार्मेसी का अनियंत्रित विस्तार अब केवल दवा व्यवसाय के लिए ही नहीं, बल्कि आम लोगों की सेहत के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना पर्याप्त निगरानी और नियमों के कई ऑनलाइन कंपनियां दवाओं की बिक्री कर रही हैं, जिससे गलत दवा सेवन और दुष्प्रभाव की आशंका बढ़ गई है।

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बिना चिकित्सकीय निगरानी बिक रही हैं दवाएं
पवन गौतम ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर डॉक्टर की पर्ची वाली दवाओं की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। कई बार मरीज बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक और अन्य दवाओं का उपयोग कर लेते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि एंटीबायोटिक दवाओं के अनियंत्रित उपयोग से एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) जैसी गंभीर समस्या तेजी से बढ़ रही है, जो आने वाले समय में बड़ी चुनौती बन सकती है। उन्होंने कहा कि दवा कोई सामान्य वस्तु नहीं है। इसकी बिक्री प्रशिक्षित और पंजीकृत दवा विक्रेताओं की निगरानी में ही होनी चाहिए। लेकिन ऑनलाइन कंपनियां नियमों की अनदेखी कर मुनाफे के लिए लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही हैं।

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छोटे दवा दुकानदारों पर आर्थिक संकट
पवन गौतम ने कहा कि बड़ी कॉरपोरेट कंपनियां भारी छूट देकर दवा बाजार पर कब्जा करने की कोशिश कर रही हैं। इसका सीधा असर छोटे और मध्यम स्तर के दवा दुकानदारों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्षों से मरीजों को सेवा देने वाले स्थानीय दवा विक्रेता आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दवा व्यवसाय केवल व्यापार नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवा से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र है। स्थानीय दवा दुकानदार मरीजों को समय पर दवा उपलब्ध कराने के साथ-साथ आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन भी देते हैं। लेकिन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर यह व्यवस्था पूरी तरह गायब है।

देशभर के 12 लाख से अधिक दवा विक्रेता होंगे शामिल
जिला सचिव ने बताया कि AIOCD के आह्वान पर देशभर के करीब 12.40 लाख केमिस्ट और दवा विक्रेता इस एक दिवसीय बंद में शामिल होंगे। लोहरदगा जिले की सभी दवा दुकानों को भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने आम लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जरूरी दवाओं की खरीदारी लोग पहले ही कर लें, ताकि बंद के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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सरकार से सख्त नियम लागू करने की मांग
दवा व्यवसायियों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि ई-फार्मेसी से संबंधित नियमों को सख्ती से लागू किया जाए। अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए और बिना वैध लाइसेंस के दवा बेचने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। पवन गौतम ने कहा कि दवा बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता और मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए सरकार को जल्द प्रभावी कदम उठाने होंगे।

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