सिर्फ भागना नहीं चाहता था, मारे गए अमन साहू का था एक और खतरनाक प्लान; ATS ने किया खुलासा

झारखंड में NH कंस्ट्रक्शन साइट पर फायरिंग, एक मजदूर को लगी गोली,अमन साहू गिरोह ने ली हमले की जिम्मेदारी

रांचीः छत्तीसगढ़ के रायपुर से रांची लाने के दौरान अमन साहू न सिर्फ भागने का प्लान था बल्कि एक और खतरनाक प्लान था। एटीएस ने इस बात का खुलासा किया है। एटीएस ने बताया कि अमन साहूू ना सिर्फ पुलिस की हिरासत से भागना चाहता था, बल्कि एटीएस टीम में शामिल पुलिस अफसरों और जवानों को जान से मारना चाहता था। इसी नियत से अमन साहू और उसके गिरोह के छह से सात अपराधियों ने पुलिस बल पर हमला किया था। अमन साहू के मुठभेड़ केस में चैनपुर थाने में एटीएस के द्वारा दर्ज केस और पुलिस मुख्यालय को भेजी गई रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है।

मामला पुलिस मुठभेड़ का है, ऐसे में राज्य पुलिस ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भी घटना के संबंध में एक प्रारंभिक रिपोर्ट दी है। मौत के बाद अमन साहू को आरोपी बनाते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई है। अमन साहू के ऊपर यह 130वीं एफआईआर है। दर्ज एफआईआर में बताया गया है कि अमन साहू को पुलिस के कब्जे से छुड़ाने के लिए छह-सात अपराधियों ने पहले से नाजायज मजमा लगा रखा था। पुलिस अब गिरोह के उन अपराधियों को तलाशने में लगी है, जो मुठभेड़ के दौरान पुलिस पर हमले में शामिल थे।

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एफआईआर में जिक्र है कि 11 मार्च की सुबह 9.05 बजे एटीएस की टीम पलामू के चैनपुर के अंधारी ढोढ़ा पहुंची, तब घात लगाए छह-सात अपराधियों ने गाड़ी पर बमबाजी की और फायरिंग की। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने आवाज भी लगाई, लेकिन अपराधी नहीं रुके। इसी बीच अमन साहू ने पुलिसकर्मी विजय कुमार का इंसास छीन लिया। इसके बाद वह अपने सहयोगियों की तरफ भागने लगा। भागने के क्रम में अमन ने फायरिंग भी की। भागने के क्रम में पुलिस ने उसे चेतावनी भी दी, लेकिन वह नहीं रुका। अमन की गोली से ही राकेश कुमार नाम के पुलिसकर्मी को जांघ में गोली लगी। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने भी 38 राउंड फायरिंग की। इसमें अमन मारा गया। जबकि, उसके साथी भाग निकले।

एटीएस अधिकारी डॉ प्रमोद कुमार सिंह के बयान पर ही इस संबंध में केस दर्ज किया गया है। केस में जिक्र है कि अमन साहू को होटवार जेल में शिफ्ट करने का आदेश मिला था। इसके बाद 9 मार्च को उनके साथ दस अन्य लोग रायुपर सेंट्रल जेल के लिए रवाना हुए थे। अमन साहू को रायपुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष पेश कर रांची लाने की इजाजत ली गई। 10 मार्च की रात 8.30 बजे अमन साहू को लेकर तीन गाड़ियों से पुलिस की टीम रायपुर से रवाना हुई।

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