JSSC CGL परीक्षा का पेपर सेट करने वाली प्रोफेसर का पति था अभ्यर्थी, उसने पेपर सेट करने में की मदद, SIT जांच में बड़े खुलासे

JSSC CGL परीक्षा में गड़बड़ी का मामलाः उगाही के आरोपी 6 जवानों की बर्खास्तगी की अनुशंसा

रांची: 28 जनवरी 2024 को जेएसएससी सीसीएल परीक्षा-2023 के पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। रांची पुलिस की एसआईटी ने कोर्ट को सौंपी रिपोर्ट में पेपर लीक के लिए परीक्षा एजेंसी सतवत इंफोसोल प्राइवेट लिमिटेड और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि छापाखाना से लेकर रांची ट्रेजरी में पेपर रखने में भारी सुरक्षा चूक हुई है। ट्रक से पेपर उतारकर ट्रेजरी में रखने के दौरान जो कर्मचारियों और मजदूरों को लगाया गया था उनके पास मोबाइल फोन मौजूद था। सभी के मोबाइल ट्रेजरी के अंदर गए, जहां सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हुए थे। एक दैनिक अखबार ने पेपर लीक को लेकर बड़े खुलासे किये है।

प्री बजट मीटिंग में झारखंड ने केंद्र सरकार से मांगा बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपये, वित्त मंत्री ने कहा राशि मिले तो बनाएंगे रांची-पटना एक्सप्रेस-वे
सीजीएल के पेपर को तैयार करने की जिम्मेदारी सतवत इंफोसोल के जिम्मे दिया गया था जिसका पूरा काम एजेंसी के क्लाइंट रिलेशनशिप मैनेजर तन्मय कुमार दास कर रहे थे। पेपर चेन्नई और रांची के शिक्षकों ने तैयार किया था। सबसे चौकाने वाला खुलासा पंचपरगनिया भाषा के पेपर को लेकर हुआ है। इस पेपर को रांची वीमेंस कॉलेज की सहायक प्रोफेसर सबिता कुमारी मुंडा ने सेट किया था, इसमें उनके पति एंथोनी मुंडा ने उनको मदद की थी। आश्चर्य की बात ये है कि एंथोनी मुंडा खुद सीजीएल की परीक्षा दे रहे थे। सबिता ने इस बात को आयोग और परीक्षा एजेंसी दोनों से छिपाई थी। सबिता जनवरी 2018 से अनुबंध पर रांची विश्वविद्यालय के वीमेंस कॉलेज में पढ़ा रही है। उनके पति एंथोनी ने पश्चिम सिंहभूम के लुपुंगगुटू स्थित संत जेवियर स्कूल में सीजीएल की परीक्षा दी थी, लेकिन पेपर लीक होने के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया।

See also  स्टंटबाजी का अड्डा बना बिहार का ये पुल, दौड़ाई जा रही बाइक, रील बनाने के चक्कर में एक की मौत, कई घायल

orig 1 1734727444

रांची में माइनिंग कारोबारी से JPC के नाम पर मांगी गई 25 करोड़ की लेवी
सबिता ने एसआई को बताया कि पीएचडी करने के दौरान वो तन्मय से पहली बार मिली थी। सितंबर 2022 में तन्मय ने उन्हे फोन पर ही परीक्षा का पेपर तीन सेट में तैयार करने को कहा था। सिलेबस को वॉट्सएप पर भेजा, इसमें उन्होने अपने पति की मदद ली। पेपर को पति के लैपटॉप पर तैयार किया गया और उसका प्रिंटआउट तन्मय को दे दिया गया जबकि ऑरिजनल पेपर लैपटॉप में ही था। एक महीने के बाद तन्मय ने फिर तीन सेट में पेपर तैयार करने को कहा, पेपर तैयार होने पर एंथोनी लैपटॉप लेकर बस स्टैंड पहुंचा जहां उसने तन्मय के पेन ड्राइव में पेपर को कॉपी कर दिया, इस दौरान भी मेन पेपर एंथोनी के लैपटॉप में ही छोड़ दिया गया। पेपर सेट करने के लिए कोई लिखित एग्रीमेट नहीं किया गया था सिर्फ फोन पर ही बातें हुई थी।

See also  Dhoni के दरवाजे पर खड़े रहे फेमस सिंगर और ममता सरकार में मंत्री के बच्चे, पहचान बताने के बाद भी नहीं मिली एंट्री

रांची में घर खरीदने मौका, आवास बोर्ड निकालेगा 85 प्लॉट की लॉटरी; बरियातू में बनेंगे कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स
नागपुरी भाषा का पेपर खूंटी के बिरसा कॉलेज में अनुबंध पर कार्यरत सहायक प्रोफेसर अंजुलता ने तैयार किया था। उन्होने एसआईटी को बताया कि तन्मय ने नवंबर 2023 में सीजीएल परीक्षा के लिए तीन सेट में 100 प्रश्न तैयार करने को कहा था। कोई भी पत्र देने से इंकार करते हुए उन्होने मोबाइल पर सिलेबस भेज दिया। एक महीने बाद उन्होने पेपर तैयार कर लिफाफे में तन्मय को भेज दिया जिसपर न कोई सील था और न ही कोई हस्ताक्षर। कुद दिन बार फिर पेपर भेजकर सुधार करने को कहा। 28 जनवरी को जो परीक्षा में पेपर दिया गया उसमें अधिकतर प्रश्न उनके तैयार किए हुए थे।

चतरा के टंडवा से घूसखोर ASI गिरफ्तार, ACB की टीम ने संगीता मिंज को रिश्वत लेते रंगे हाथ किया अरेस्ट
पुलिस ने सतवन इंफोसेल के नेटवर्क को-ऑडिनेटर ए अरविंद से पेपर की छपाई के दौरान का सीसीटीवी फुटेज मांगा तो उन्होने बताया कि डीवीआर में केवल 15 दिनों का वीडियो फुटेज स्टोर रहता है, उस समय का फुटेज नहीं है। पुलिस ने कंपनी की सीईओ सुनिधि रमेशनन से परीक्षा संचालन को लेकर तैयार एसओपी मांगी तो उन्होने बताया कि ऐसा कुछ भी तय नहीं है। एसआईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रश्न पत्रों की टाइपिंग, छपाई, पैकेजिंग, भंडारण की जगह सीसीटीवी की निगरानी होनी चाहिए थी जो नहीं था। ऐसे में कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ साक्ष्य नष्ट करने का आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।

See also  JSSC CGL परीक्षा की तारीख बदलने की मांग को लेकर छात्र निकले CM आवास का घेराव करने, पुलिस ने रोका

CCL के तत्कालीन GM और उनके बेटे समेत 22 को सजा, फर्जी दस्तावेज के आधार पर नौकरी देने का मामला
जनवरी 2024 में हुए जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा को पेपर लीक की वजह से रद्द कर दिया गया था फिर सितंबर 2024 को एक बार फिर से सीजीएल की परीक्षा हुई। इस परीक्षा को लेकर भी कई विवाद खड़े हुए। छात्र इस परीक्षा में पेपर लीक होने का दावा कर रहे है, हालांकि जेएसएससी की ओर से की गई जांच में पेपर लीक से संबंधित कोई साक्ष्य नहीं मिले है। सीजीएल पेपर की जांच को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दी गई है, कोर्ट ने परीक्षा का फाइनल रिजल्ट प्रकाशित करने पर रोक गला दी है लेकिन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के कार्य को नहीं रोका गया। 20 दिसंबर को सीजीएल परीक्षा को लेकर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का काम खत्म हो गया है अब सफल अभ्यर्थियों की नजर हाईकोर्ट के फैसले पर है। कोर्ट ने पुलिस को इस मामले में एफआईआर दर्ज कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now