झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो के जमीन विवाद में 2 याचिकाकर्ता की अग्रिम जमानत को किया खारिज, वकील के आचरण पर जताई नाराजगी

Picture of Live Dainik

Live Dainik

September 25, 2025

JPSC अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट सख्त, 2 महीने में प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश

रांचीः झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी ने बोकारो के चास थाना क्षेत्र के एक जमीन विवाद मामले में दो याचिकाकर्ताओं की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। साथ ही, अदालत ने याचिकाकर्ताओं के वकील राकेश कुमार के अदालती कक्ष में ‘उपद्रवी’ और ‘धमकी भरे’ आचरण पर गंभीर असंतोष जताया है। अदालत ने इसे आपराधिक अवमानना का मामला बताया, लेकिन बार के सदस्यों के अनुरोध पर वकील के खिलाफ तत्काल कार्रवाई न करते हुए मामला झारखंड राज्य बार काउंसिल के अध्यक्ष को भेजने का निर्देश दिया है।

रांची के दुर्गा पंडाल की थीम इटली के वेटिकन सिटी पर, चर्च के तर्ज पर दुर्गा पंडाल की झांकी को लेकर विवाद, VHP ने जताई आपत्ति

यह मामला चास थाना के अंतर्गत दर्ज पीएस केस नंबर 72/2025 का है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगे हैं। याचिकाकर्ताओं के वकील ने दावा किया था कि उनके मुवक्किलों को झूठे फंसाया गया है और विवादित जमीन पर उनका मालिकाना हक है।

See also  24 घंटे के अंदर दूसरी बार भिड़े जयराम महतो और श्वेता सिंह, DC ऑफिस में एंट्री के लिए लड़े एक-दूसरे के समर्थक

JET परीक्षा को लेकर झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सरकार को 31 मार्च 2026 तक की दी डेडलाइन

हालांकि, अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। न्यायमूर्ति द्विवेदी ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ताओं पर 80 वर्षीय मुखबिर की जमीन हड़पने के गंभीर आरोप हैं और उनका आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। अदालत ने कहा कि झारखंड में इस तरह के अपराध बहुत आम हैं और ऐसे मामलों में अग्रिम जमानत देना उचित नहीं होगा।

झारखंड में 10 नक्सलियों ने किया आत्मसर्पण, कोल्हान एवं सारंडा क्षेत्र में सक्रिय माओवादियों ने DGP अनुराग गुप्ता के सामने किया सरेंडर

जमानत याचिका खारिज होने के बाद याचिकाकर्ताओं के वकील राकेश कुमार ने अदालत कक्ष में जोर-जोर से बहस शुरू कर दी और न्यायाधीश को सुप्रीम कोर्ट जाने की धमकी दी। अदालत ने इस घटना को न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने और अदालत की अवमानना का प्रयास बताया।

नाबालिग से पुलिस अधिकारी एक साल तक करता रहा दुष्कर्म, पोक्सो कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा

See also  कल्पना सोरेन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को खरीदकर खिलाया हवाई मिठाई, झारखंड आदिवासी महोत्सव का एक साथ उठाया लुफ्त

आदेश में कहा गया है कि वकील का यह आचरण न्यायपालिका की साख पर हमला है। हालांकि, अदालत में मौजूद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, सचिव और अन्य वरिष्ठ वकीलों ने वकील राकेश कुमार को एक मौका देने की गुजारिश की। इसपर अदालत ने उनके खिलाफ तत्काल अवमानना की कार्रवाई न करते हुए मामले की जांच का दायित्व झारखंड राज्य बार काउंसिल के अध्यक्ष को सौंपा है। घटना के समय बार काउंसिल के अध्यक्ष भी अदालत कक्ष में मौजूद थे। न्यायालय के रजिस्ट्री को यह आदेश बार काउंसिल के अध्यक्ष को तत्काल भेजने के निर्देश दिए गए हैं

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now