झारखंड कैडर के IAS अधिकारी अमित खरे उपराष्ट्रपति सीपी राधा कृष्णन के सचिव बनाए गए, पीएम मोदी के भी रह चुके हैं सलाहकार

झारखंड कैडर के IAS अधिकारी अमित खरे उपराष्ट्रपति सीपी राधा कृष्णन के सचिव बनाए गए, पीएम मोदी के भी रह चुके हैं सलाहकार

रांचीः आरजेडी अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव समेत कई बड़े नेताओं-अफसरों से जुड़े बहुचर्चित चारा घोटाला को उजागर करने वाले झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारी अमित खरे उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के सचिव बनाए गए है। कैबिनेट की अपॉइंटमेंट कमेटी ने सेवानिवृत्त आईएएस अमित खरे को उपराष्‍ट्रपति सीपी राधाकृष्‍णन के सचिव के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दी है। खरे 1985 बैच के झारखंड कैडर के IAS अधिकारी रहे हैं। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने इसे लेकर रविवार को आदेश जारी किया है, जिसके मुताबिक, खरे की नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन साल के लिए अनुबंध के आधार पर होगी। खरे की छवि एक ईमानदार अधिकारी की रही है।महज संयोग ही है कि उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णनन और उनके सचिव अमित खरे दोनों का झारखंड से कनेक्शन रहा है। सीपी राधा कृष्णनन भी संतोष गंगवार से पहले झारखंड के राज्यपाल थे।

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इस नियुक्ति से पहले खरे 12 अक्टूबर 2021 से प्रधानमंत्री के सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं और प्रधानमंत्री कार्यालय में सामाजिक क्षेत्र से संबंधित मामलों को संभाल रहे हैं। खरे ने केंद्र और राज्य सरकारों में कई प्रमुख पदों पर भी कार्य किया है।

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राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2020 टीम का भी हिस्‍सा
अमित खरे को 31 मई 2018 को भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण सचिव के पद पर नियुक्त हुए और इसके बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव और उच्च शिक्षा सचिव के रूप में कार्य किया। खरे राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 को तैयार करने और लागू करने वाली मुख्य टीम का हिस्सा थे।

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खरे ने झारखंड में किया बेहतरीन काम
इससे पहले, खरे ने छह सालों तक भारत सरकार में संयुक्त सचिव, उच्च शिक्षा (अगस्त 2008-अगस्त 2014) के रूप में कार्य किया है, जहां उन्होंने यूनेस्को, शिक्षा नीति और पुस्तक संवर्धन एवं कॉपीराइट से जुड़े कार्य किए। साथ ही खरे झारखंड सरकार में मानव संसाधन विकास सचिव और रांची विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। झारखंड में विकास आयुक्त और अपर मुख्य सचिव, वित्त-सह-योजना के रूप में उन्होंने व्यापक सुधार लागू किए, जैसे बजट-पूर्व परामर्श, निष्पादन बजट, लैंगिक बजट, क्षेत्रीय बजट, वित्तीय समावेशन, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य क्षेत्र की योजनाओं का कार्यान्वयन।खरे दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक हैं और आईआईएम अहमदाबाद से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातकोत्तर हैं।

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