डेस्कः दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में मंगलवार को 59 साल के मो. आदिल हुसैन को दिल्ली के सीमापुरी इलाके से गिरफ्तार किया। पुलिस ने एक बड़े जासूसी गिरोह के भंडाफोड़ करने का दावा किया है। वहीं फर्जी पासपोर्ट का पूरा नेटवर्क कथित तौर पर जमशेदपुर से संचालित हो रहा था, जहां जाली दस्तावेज से फर्जी पहचान पत्र और पासपोर्ट बनाये जा रहे थे। यह जानकारी मंगलवार को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाहा ने दी।
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उन्होंने बताया कि आदिल को ड्यूटी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी साहिल मोंगा के समक्ष मेश किया गया, जिन्होंने उसे सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजने की अनुमति दी है। आदिल जमशेदपुर के टाटा नगर का निवासी बताया जाता है। प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि आदिल और उसके भाई अख्तर हुसैनी पर अन्य देशों को संवेदनशील जानकारी देने और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कई भारतीय पासपोर्ट हासिल करने का संदेह है।
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पुलिस ने तलाशी में आदिल के कब्जे से एक असली और दो जाली पासपोर्ट जब्त किया है। कुशवाहा ने बताया कि आरोपी के कथित रूप से विदेशी परमाणु वैज्ञानिक से संबंध थे। आरोपी को सैयद आदिल हुसैन, नसीमुद्दीन और सैयद आदिल हुसैनी के नाम से भी जाना जाता है।
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नकली पासपोर्ट लेनेवालों की जुटायी जा रही है जानकारीः अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि आदिल को 26 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। मुंबई पुलिस ने आदिल के भाई अख्तर को भी गिरफ्तार किया है, जिसने कई खाड़ी देशों की यात्रउा की थी और कथित तौर पर जाली दस्तावेज का उपयोग करके एक गोपनीय केंद्र में तीन पहचान पत्र प्राप्त किये थे, जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि इस नेटवर्क से कितने लोगों के नकली पासपोर्ट बने है।
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