रांचीः जेएलकेएम के अध्यक्ष और डुमरी से विधायक जयराम महतो ने निशा कुमारी भगत को जेएलकेएम से निकाल दिया है। जयराम महतो ने पत्र जारी करते हुए निशा भगत को कुडमी समुदाय के संबंध में अनुचित बयान देने के मामले में कार्रवाई करते हुए पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है।
जयराम महतो की अचानक तबीयत बिगड़ी, डॉक्टरों ने 5 दिन आराम की सलाह दी
निशा भगत गुमला विधानसभा सीट से जेएलकेएम पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ चुकी है। पिछले कई दिनों से उनके कई बयान मीडिया में चर्चा और विवादों में रहे है। कभी मंत्री इरफान अंसारी को लेकर बयान तो कभी कुड़मी जाति को एसटी का दर्जा दिये जाने के विरोध में दिया गया बयान। कुड़मी को एसटी का दर्जा मिले ये जयराम महतो और उनकी पार्टी का मुख्य मुद्दा रहा है लेकिन निशा भगत इसका विरोध करने लगी। इसके बाद जयराम महतो ने उन पर कार्रवाई करते हुए पार्टी से बाहर कर दिया।
झारखंड के 5 जिलों के आदिवासी गांवों में बनेंगे होम स्टे, ग्रामीण जीवन, समाज और संस्कृति को जान सकेंगे पर्यटक
जेएलकेएम से बाहर होने के बाद निशा भगत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक ऐसे पोस्ट को रीपोस्ट किया जिसमें कुड़मी वर्सेज आदिवासी लिखा हुआ है। कुमार चंदन नाम के शख्स ने लिखा कि आदिवासी समाज की बेटी बहन ने साबित कर दिया कि समाज से बढ़ा कोई पार्टी नेता नहीं होता है JLKM में रहने के बाद भी केंद्रीय अध्यक्ष को जवाब दिया।। कुड़मी vs आदिवासी! जयराम, सुदेश, देवेंद्र कोई माई का लाल कुड़मी को ST में शामिल नहीं करा सकता….इसे रीपोस्ट कर निशा ने अपने तेवर का इजहार कर दिया।
आदिवासी समाज की बेटी बहन ने साबित कर दिया कि समाज से बढ़ा कोई पार्टी नेता नहीं होता है JLKM में रहने के बाद भी केंद्रीय अध्यक्ष को जवाब दिया।।
कुड़मी vs आदिवासी! जयराम, सुदेश, देवेंद्र कोई माई का लाल कुड़मी को ST में शामिल नहीं करा सकता..#झारखंड #adivasi #tribal #jharkhand pic.twitter.com/RWurZWOUEk
— Mr Chandan (@sonofdnmahatha) September 6, 2025





