रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने जन्मदिन के मौके पर मोरहाबादी स्थिति जेएमएम सुप्रीमो और अपने पिता शिबू सोरेन के साथ मां रूपी सोरेन से मुलाकात की। इस अवसर पर पिता शिबू सोरेन और मां रूपी सोरेन ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने जन्मदिन पर जेल का स्टाम्प लगी हुई हाथ की तस्वीर को किया शेयर, कहा- ये लोकतंत्र के चुनौतियों का है प्रतीक
इससे पहले हेमंत सोरेन ने शनिवार सुबह जन्मदिन के मौके पर अपने जेल के दिनों को याद करते हुए सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट किया था। उन्होने होटवार जेल से बाहर आते समय हाथ में लगाये गए सरकारी स्टांप की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आज अपने जन्मदिन के मौक़े पर बीते एक साल की स्मृति मेरे मन में अंकित है – वह है यह कैदी का निशान – जो जेल से रिहा होते वक्त मुझे लगाया गया। यह निशान केवल मेरा नहीं, बल्कि हमारे लोकतंत्र की वर्तमान चुनौतियों का प्रतीक है।
जब एक चुने हुए मुख्यमंत्री को बिना किसी सबूत, बिना कोई शिकायत, बिना कोई अपराध जेल में 150 दिनों तक डाल सकते हैं तो फिर ये आम आदिवासियों/दलितों/शोषितों के साथ क्या करेंगे – यह मुझे कहने की आवश्यकता नहीं है।
इसलिए, आज के दिन मैं और ज़्यादा कृतसंकल्पित हूँ हर शोषित, वंचित, दलित, पिछड़ा, आदिवासी, मूलवासी के पक्ष में लड़ने के अपने संकल्प को और मजबूत करता हूं। मैं हर उस व्यक्ति/समुदाय के लिए आवाज उठाऊंगा जिसे दबाया गया है, जिसे न्याय से वंचित रखा गया है, जिसे उसके रंग, समुदाय, ख़ान पान, पहनावे के आधार पर सताया जा रहा है। हमें एकजुट होकर एक ऐसे समाज का निर्माण करना होगा जहां कानून सभी के लिए समान हो, जहां सत्ता का दुरुपयोग न हो।
हां, यह रास्ता आसान नहीं होगा। हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। लेकिन मुझे विश्वास है कि हम मिलकर इन चुनौतियों को पार कर सकते हैं। क्योंकि हमारे देश की एकता, विविधता में ही हमारी शक्ति है।
पुनः आप सब के स्नेह एवं आज के दिन दी जा रही दुआ, आशीर्वाद एवं अपनापन के लिए धन्यवाद।