समय पर गेट नहीं खोले… बेंगलुरु भगदड़ रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे; RCB पर ऐक्शन तय

Picture of Live Dainik

Live Dainik

July 25, 2025

बेंगलुरु में चिन्नास्वामि स्टेडियम के बाहर RCB की विक्ट्री परेड में भगदड़,7 की मौत, 20 से ज्यादा घायल

डेस्कः कर्नाटक सरकार ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB), कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी DNA एंटरटेनमेंट नेटवर्क्स के खिलाफ 4 जून को चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भीषण भगदड़ के लिए कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया है। इस हादसे में 11 क्रिकेट फैंस की मौत हो गई थी और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे।

कर्नाटक सरकार ने गुरुवार को सिद्धारमैया कैबिनेट की बैठक में रिटायर्ड हाई कोर्ट जज जॉन माइकल डी’कुन्हा की जांच रिपोर्ट को स्वीकार किया, जिसमें RCB, KSCA और DNA एंटरटेनमेंट को इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, RCB ने पुलिस की अनुमति के बिना विजय परेड और उत्सव का आयोजन किया, जिसमें स्टार क्रिकेटर विराट कोहली का एक वीडियो भी शामिल था, जिसने भारी भीड़ को आकर्षित किया।

यह हादसा तब हुआ जब RCB ने 3 जून को अहमदाबाद में पंजाब किंग्स को हराकर अपनी पहली IPL ट्रॉफी जीती। बेंगलुरु में विजय उत्सव के लिए लाखों फैंस चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर एकत्र हुए। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, RCB ने बिना पुलिस की अनुमति के सोशल मीडिया पर उत्सव की घोषणा की, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 3 लाख लोग स्टेडियम के आसपास जमा हो गए। स्टेडियम की क्षमता केवल 35,000 थी, और अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के कारण स्थिति बेकाबू हो गई।

See also  जब तुम्हारी डिलीवरी होगी तो... कांग्रेस MLA ने सभी के सामने महिला पत्रकार से कही ऐसी बात

जगदीप धनखड़ ने चेतावनी मिलते ही दे दिया इस्तीफा, अगले ही दिन होने वाला था कुछ बड़ा?

जांच में पाया गया कि आयोजकों ने गेट मैनेजमेंट में लापरवाही बरती और समय पर गेट नहीं खोले गए, जिसके कारण भीड़ ने गेट नंबर 1, 2 और 21 को तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की। इस दौरान सात पुलिसकर्मी भी घायल हुए। कर्नाटक हाई कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए सरकार से रिपोर्ट मांगी थी, और अब इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने का आदेश दिया है।

बेंगलुरु पुलिस ने RCB, KSCA और DNA एंटरटेनमेंट के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गैर-इरादतन हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। 6 जून को RCB के मार्केटिंग हेड निखिल सोसले और DNA इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के तीन कर्मचारियों- सुनील मैथ्यू, किरण और सुमंत को गिरफ्तार किया गया था।

हालांकि, कर्नाटक हाई कोर्ट ने इन गिरफ्तारियों को “गैरकानूनी” करार देते हुए अंतरिम जमानत दे दी। KSCA ने अपनी याचिका में दावा किया कि भीड़ प्रबंधन उनकी जिम्मेदारी नहीं थी और यह आयोजन सरकार के निर्देश पर हुआ था। दूसरी ओर, DNA एंटरटेनमेंट ने जांच आयोग की रिपोर्ट को खारिज करने की मांग की, जिसमें प्रक्रियात्मक खामियों और पक्षपात का आरोप लगाया गया।

अवैध संबंध पर बीवी बोली- अच्छी हरकत नहीं है, पति इरफान ने गला दबाकर मारा

See also  ऑनलाइन पेमेंट के इंतजाम के साथ चलता मिला सेक्स रैकेट, नाबालिग लड़कियां से कराते थे धंधा

ताजा रिपोर्ट के आधार पर मंत्रिमंडल ने दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने का निर्देश दिया। कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री एच के पाटिल द्वारा साझा की गई इस रिपोर्ट में आयोजन के आयोजकों- रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (आरसीएसपीएल), डीएनए एंटरटेनमेंट नेटवर्क और केएससीए पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि अनिवार्य मंजूरी न होने के बावजूद आयोजन की अनुमति देकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी इसमें शामिल थे।

रिपोर्ट में कहा गया है, “आयोजकों का यह कर्तव्य था कि वे कम से कम सात दिन पहले निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत करके पूर्व अनुमति प्राप्त करते…लेकिन वे ऐसा करने में विफल रहे।” आयोग ने तत्कालीन पुलिस आयुक्त बी दयानमदा, अतिरिक्त आयुक्त (पश्चिम) विकास कुमार विकास, पुलिस उपायुक्त सेंट्रल डिवीजन शेखर एच टेक्कनवर, कब्बन पार्क सहायक पुलिस आयुक्त सी बालकृष्ण और पुलिस निरीक्षक गिरीश ए के का नाम लेते हुए कहा है कि वे “यह जानते हुए भी कि यह आयोजन अनधिकृत था और यह कार्यक्रम बिना उचित सुरक्षा व्यवस्था के जल्दबाजी में आयोजित किया गया, इस कार्यक्रम को रोकने में विफल रहे।”

झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2023 का रिजल्ट जारी, देखिये सफल उम्मीदवारों की लिस्ट

See also  भाजपा नेता 2 साल से बेच रहा मेरा जिस्म; असम की लड़की की शिकायत पर होटल पहुंची पुलिस तो....

आयोग की रिपोर्ट में अवैज्ञानिक बैरिकेडिंग, संकीर्ण प्रवेश द्वार, पुलिस कर्मियों की कम तैनाती और बुनियादी आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया तंत्र का अभाव समेत कई गंभीर खामियों की ओर इशारा किया गया है, जिनके कारण यह घटना हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि आयोजन स्थल के पास कोई आपातकालीन चिकित्सा केंद्र या आपातकालीन चिकित्सा केंद्र स्थापित नहीं किया गया था।

इसके अलावा, रिपोर्ट में आयोजकों पर असंगत और भ्रामक घोषणाएं करने का आरोप लगाया गया, जिससे भीड़ में अफरातफरी मच गई। आयोजकों ने प्रवेश द्वार के बारे में कोई दिशा-निर्देश नहीं दिए, जिससे भीड़ अनियंत्रित रूप से उमड़ पड़ी। बैरिकेड भी खराब तरीके से लगाए गए थे, जिससे खतरनाक अड़चनें पैदा हुईं।

आयोग ने आरसीबी, डीएनए एंटरटेनमेंट, केएससीए और उनके संबंधित अधिकारियों राजेश मेनन, टी वेंकट वर्धन, सुनील माथुर, रघुराम भट, ए शंकर और जयराम ई एस के साथ-साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की, जिन्होंने बिना मंजूरी के कार्यक्रम की सुविधा प्रदान की। यह भगदड़ आरसीबी फ्रैंचाइज़ी द्वारा आईपीएल में अपने सफल अभियान के बाद आयोजित विजय जुलूस के दौरान हुई। स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ एकत्र हो गई थी, जिससे भगदड़ मच गई।

पटना के होटल से 6 लड़के-लड़कियां पकड़े गए, थाने से 2 किमी दूर चल रहा था सेक्स रैकेट

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now