रांचीः राज्यपाल संतोष गंगवार ने नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. दिनेश कुमार सिंह के सभी प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार छीन लिए हैं। कुलपति के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों और पद की गरिमा के अनुकूल काम न करने के कारण राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है। इस संबंध में लोकभवन की ओर से पत्र जारी किया गया है. राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने इसकी पुष्टि की है।
बताया गया कि कुलपति के खिलाफ वित्तीय अनियमितता की शिकायतों, विशेष ऑडिट में सामने आयी आपत्तियों और लोकभवन के निर्देशों की कथित अवहेलना से जुडे मामलों को देखते हुए यह कार्रवाई की गयी है। राज्यपाल ने कुलपति के आचरण से जुडे मामलों को भी गंभीरता से लिया है।

विशेष ऑडिट में 47.21 करोड के खर्च पर आपत्ति
राज्यपाल के निर्देश पर झारखंड वित्त विभाग की ओर से एनपीयू का विशेष अंकेक्षण कराया गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विशेष ऑडिट में 3 मार्च 2025 से जनवरी 2026 के बीच विश्वविद्यालय में हुए 47 करोड 21 लाख 16 हजार रुपये के खर्च पर आपत्ति दर्ज की गयी। ऑडिट में 19 लाख 64 हजार 126 रुपये की राशि को वसूली योग्य बताया गया है।
ऑडिट में करीब पांच करोड रुपये के भुगतान से जुडे मामलों पर भी गंभीर आपत्तियों का उल्लेख किया गया है।रिपोर्ट के अनुसार, डॉ दिनेश कुमार सिंह के कार्यकाल में किये गये 1 करोड 10 लाख 20 हजार 752 रुपये के एक भुगतान को ऑडिटर ने गबन की श्रेणी में रखा है। वहीं, एकरारनामा से अलग अनियमित बीजक प्रस्तुत किये जाने के मामले में 1 करोड 51 लाख 39 हजार 128 रुपये की जीएसटी राशि से जुडी आपत्ति दर्ज की गयी है।
डिजिटलीकरण मद में एनसीसीएफ को 2 करोड 68 लाख 73 हजार 790 रुपये के भुगतान को भी ऑडिट में अनियमित बताया गया है। इसके अलावा अन्य वित्तीय मामलों में भी आपत्तियां दर्ज किये जाने की बात कही गयी है। इन ऑडिट आपत्तियों पर संबंधित पक्ष का पक्ष मिलने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष का उल्लेख किया जाना चाहिए।
सांसद और छात्र संगठनों ने की थी शिकायत
पलामू सांसद वीडी राम ने भी कुलपति के संबंध में राज्यपाल से लिखित शिकायत की थी। इसके बाद एनएसयूआइ के अमरनाथ तिवारी और अभिषेक तथा आपसू के राहुल कुमार दुबे और कमलेश कुमार ने 2 सितंबर 2026 को राज्यपाल से शिकायत की थी। शिकायत के साथ वित्तीय अनियमितता से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य सौंपे जाने का दावा किया गया था। बताया गया कि डॉ दिनेश कुमार सिंह के रांची विश्वविद्यालय के कुलपति के प्रभार के दौरान भी वित्तीय मामलों में बिना अनुमति खर्च किये जाने को लेकर कार्रवाई हुई थी और उनसे प्रभार वापस लिया गया था। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा कि एनपीयू के कुलपति डॉ दिनेश कुमार सिंह के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गयी है। कुलपति का कार्यकाल करीब डेढ वर्ष और शेष बताया गया है।




