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संजीव मुखिया ने साथियों के बताये नाम, नीट-2017 सिपाही भर्ती व TRE-3 में भी कबूली भूमिका

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Live Dainik

September 10, 2026

संजीव मुखिया ने साथियों के बताये नाम, नीट-2017 सिपाही भर्ती व TRE-3 में भी कबूली भूमिका

पटनाः बिहार के चर्चित पेपर लीक माफिया संजीव मुखिया ने आर्थिक अपराध इकाई की रिमांड के दौरन हुई पूछताछ में कई बड़े राज खोले हैं। वर्ष 2017 की नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक कराने की कोशिश से जुड़े मामले में उसने परीक्षा केंद्र तक पेपर पहुंचाने वाले व्यवस्था में सेंध लगाने वाले अपने गिरोह के अन्य सक्रिय सदस्यों की पहचान उजागर कर दी है। संजीव मुखिया ने सिपाही भर्ती परीक्षा 2023 और BPSC TRE-3 पेपर लीक मामले में भी अपनी भूमिका स्वीकार की है। अब ईओयू इन इनपुट्स के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

2017 के NEET मामले में गिरोह के सदस्यों की जानकारी
ईओयू ने संजीव मुखिया से 2017 की NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग करने से जुड़े मामले में पूछताछ की। जांच के दौरान उसने कथित तौर पर परीक्षा केंद्र तक प्रश्नपत्र पहुंचाने वाली व्यवस्था में सेंध लगाने वाले गिरोह के दूसरे सक्रिय सदस्यों की जानकारी दी। अधिकारियों को सॉल्वर नेटवर्क और उसके प्रमुख साथियों के नाम तथा ठिकानों से जुड़े इनपुट मिलने की बात सामने आयी है।

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पुराने कनेक्शन को जोड़ रही ईओयू
पूछताछ से मिले इनपुट के बाद ईओयू अब पुराने मामलों और सॉल्वर गैंग के बीच संभावित कनेक्शन की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में सक्रिय रहे लोगों के बीच किस तरह का नेटवर्क था। सामने आये नये नामों से भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है।

दो बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक की जांच
पूछताछ के दौरान संजीव मुखिया ने सिपाही भर्ती परीक्षा 2023 और BPSC TRE-3 पेपर लीक मामले में अपनी सीधी भूमिका स्वीकार करने की बात कही है। ईओयू अब इन मामलों में सामने आये नेटवर्क और पुराने पेपर लीक मामलों के बीच संभावित संबंधों को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है।

सॉल्वर नेटवर्क पर भी नजर
जांच का एक प्रमुख हिस्सा सॉल्वर नेटवर्क की भूमिका को लेकर है। ईओयू यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रश्नपत्र लीक होने के बाद उसे किन लोगों तक पहुंचाया जाता था और परीक्षार्थियों तक मदद पहुंचाने में कौन-कौन लोग सक्रिय थे. संजीव से मिले इनपुट के आधार पर संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है।

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CBI ने जुलाई में दी थी क्लीन चिट
NEET-2024 परीक्षा से जुड़े मामले में संजीव मुखिया को इसी साल जुलाई में CBI की ओर से क्लीन चिट दिये जाने की बात सामने आयी थी। इसके बाद 31 अगस्त को CBI की विशेष अदालत ने भी उसे इस मामले में दोषमुक्त कर दिया था। इसके बावजूद 2017 के पुराने मामले में ईओयू की जांच जारी है।

सितंबर में बेऊर जेल से रिमांड पर लिया गया
बेऊर जेल में बंद संजीव मुखिया को सितंबर में ईओयू ने रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान जांच अधिकारियों ने उससे कई घंटे तक पूछताछ की। इसी दौरान पुराने पेपर लीक मामले, सॉल्वर नेटवर्क और दूसरे प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कनेक्शन पर जानकारी जुटायी गयी।

संजीव मुखिया और उसके बेटे समेत 11 गिरफ्तार
नालंदा जिले के नगरनौसा थाना क्षेत्र के शाहपुर बलवा निवासी संजीव मुखिया के खिलाफ सात जुलाई 2017 को पटना के पत्रकार नगर थाने में मामला दर्ज हुआ था। उस समय उसके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया था।इस मामले में संजीव मुखिया, उसके बेटे डॉ. शिव समेत कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
जून 2025 में ईओयू को मिली जांच
पुराने NEET मामले की जांच 19 जून 2025 को आर्थिक अपराध इकाई को सौंपे जाने की बात सामने आयी थी। अब ईओयू संजीव मुखिया से पूछताछ में मिले नये इनपुट के आधार पर इस मामले की कड़ियां जोड़ रही है।

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नये नामों और ठिकानों की होगी जांच
ईओयू अब पूछताछ में सामने आये नामों और सॉल्वर नेटवर्क से जुड़े संभावित सदस्यों की भूमिका की जांच करेगी। एजेंसी पुराने मामलों के साथ सिपाही भर्ती और शिक्षक भर्ती परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामलों के बीच भी संभावित कनेक्शन तलाश रही है। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी।

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