पलामूः झारखंड के कुख्यात अपराधिक गिरोह के सरगना गौतम कुमार सिंह उर्फ डब्लू सिंह ने पलामू एसपी रीष्मा रमेशन के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। राज्य में ये पहली बार हुआ है जब किसी आपराधिक गिरोह के सरगना ने सरेंडर किया है।झारखंड पुलिस ने साल 2023 में डब्लू सिंह पर 40 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उसके खिलाफ पलामू, गढ़वा, लातेहार के अलावा कई जिले के अलग अलग थानों में 40 से अधिक मामले दर्ज हैं।
डब्लू सिंह मूल रूप से पलामू जिले के लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के फुलांग गांव का रहने वाला है और वर्ष 2006-07 से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। उसका नेटवर्क केवल पलामू तक सीमित नहीं था, बल्कि गढ़वा, लातेहार, चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, रांची और जमशेदपुर जैसे जिलों में भी उसके गिरोह की गतिविधियां फैली हुई थीं।
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पलामू पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, डब्लू सिंह पर कुल 37 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, रंगदारी, अपहरण, और आर्म्स एक्ट जैसी संगीन धाराएं शामिल हैं। सबसे बड़ा आरोप 3 जून 2020 को मेदिनीनगर टाउन थाना क्षेत्र में कुख्यात गैंगस्टर कुणाल सिंह की हत्या का है। इस हत्याकांड के बाद से डब्लू सिंह फरार चल रहा था।पुलिस लंबे समय से डब्लू सिंह की तलाश में थी. लेकिन वह पुलिस की पकड़ में नहीं आया। इसी बीच रविवार की रात वह उत्तर प्रदेश से पलामू आकर पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है।
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अपनी हत्या के डर से गैंगस्टर डब्लू ने कराई थी डॉन कुणाल की हत्या
डब्लू सिंह ने अपनी हत्या के डर से कुख्यात गैंगस्टर कुणाल किशोर की जून 2020 में हत्या कराई थी। इसके लिए शूटरों को 15 लाख रूपए का ऑफर दिया गया था। यह खुलासा रांची से गिरफ्तार शूटर विजय शर्मा उर्फ गुरू जी ने एसआईटी के समक्ष किया था।
कुणाल गिरोह का एक सहयोगी फंटूस उर्फ राजेश वर्मा ने डब्लू सिंह को बताया था कि कुणाल उसकी हत्या की योजना बना रहा है। इस सूचना के बाद डब्लू सिंह ने कुणाल को अपने रास्ते से हटाने की योजना बनाने में लग गया। उसकी हत्या के लिए उसने विजय शर्मा को 15 लाख रुपए का ऑफर दिया।
इसके बाद अन्नु विश्वकर्मा श्वेतकेतु तिवारी उर्फ चंगु अमरेश मेहता व एक अन्य के साथ कुणाल की हत्या की योजना तैयार की गई।इसके लिए राजेश वर्मा उर्फ फंटूस को कुणल की गतिविधियों की रेकी करने की जिम्मेवारी दी गई थी।
घटना के दिन अमरेश मेहता ने सफारी वाहन से कुणाल के वाहन में धक्का मारा। सफारी के पीछे अन्नु विश्वकर्मा व विजय एक अपाची वाहन में थे। वहीं चंगु व अमरेश का एक दोस्त कुणाल के घर से निकलने की सूचना देने के साथ वाहन का पीछा करने में लगा था।
घटना स्थल पर जैसे ही सफारी कुणाल की गाड़ी से टकराई, अन्नु व विजय कार के पास जाकर कुणाल को सटाकर गोली मार दी।घटना को अंजाम देने के बाद विजय शर्मा रांची भाग गया था।




