Flood In Bihar: Patna- मानसून के चलते नेपाल में भारी बारिश हुई है। इसका असर बिहार उन जिलों पर पड़ने वाला है, जिनकी सीमाएं नेपाल से लकती है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश से सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा, परिहार व सुरसंड प्रखंड से गुजरने वाली रातो, मरहा, हरदी व अधवारा समूह की झीम नदियां उफान पर है। नगर होकर गुजरने वाली लखनदेई मे जल स्तर वृद्धि के कारण डायवर्सन होकर आवागमन पूरी तरह बंद है।
झीम नदी का पानी सोनबरसा बाजार के आसपास फैलता जा रहा है। भारत-नेपाल सीमा स्थित मेन रोड हनुमान चौक पर तीन फुट पानी का बहाव है। इससे आवागमन प्रभावित हो गया है। वही बसतपुर, लालबंदी, जहदी, लकष्मीपुर, मयुरवा दक्षिणी आदि गांव झीम नदी के पानी से घिर गये है। हरदी नदी के जलस्तर मे वृद्ध से परिहार प्रखंड के बारा, बंसबरिया, लहुरिया, खुरसाहा आदि गांव बाढ के पानी से घिर गये है।
बागमती नदी का पांच फुट बढ़ा जलस्तर
कटरा (मुजफ्फरपुर) प्रखंड मुख्यालय स्थित बागमती नदी के जल स्तर में रविवार को लगभग पांच फुट की वृद्ध हो गयी, जिससे पीपा पुल के दोनो ओर बाढ का पानी फैल गया। इससे सभी तरह के वाहनो का परिचालन बंद हो गया है। लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे है। इससे प्रखंड के उतरी हिस्से की 14 पंचायतों का प्रखंड मुख्यालय सड़क संपर्क भंग रहा।
बकुची निवासियों का कहना है कि शनिवार की रात मे बागमती नदी के जल स्तर मे अचानक वृद्ध होने लगा। सुबह होते ही पीपा के दक्षिण भाग मे सड़क पर लगभग ढाई फुट पानी का बहाव होने लगा, जिससे लगभग 50 गांव सहित औराई, पुपरी, कमतौल जाने वाले लोगो को 10 किमी की जगह लगभग 40 किमी की अधिक दूरी तय कर जाना पड़ा।
गेहुंआ नदी का बढ़ा जलस्तर, कई गांवों पर बाढ़ का खतरा
घनश्यामपुर. कमला बलान के पूर्वी तटबंध व कोसी नदी के पश्चिमी तटबंध के बीच में बह रही गेहुंआ नदी के जलस्तर में वृद्धि से किरतपुर प्रखंड के झगरुआ, किरतपुर, बघरस, रसियारी-पौनी, नीमा, छिलकोरा सहित कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गया है। बाढ़ के कारण किरतपुर व झगरुआ को जोड़ने वाली मुख्य सड़क झगरुआ रन परती के निकट लगभग 20 फीट में टूट गयी है।
इसे लेकर दोनों पंचायत के लोगों की परेशानी बढ़ गयी है। बता दें कि इसी जगह पर बाढ़ आने पर पहले भी सड़क टूटती रही है। झगरुआ पंचायत के लोग इसी सड़क से पीएचसी किरतपुर आते-जाते हैं। समय रहते इसे ठीक नहीं किया गया तो लोगों के आवागमन के लिए केवल नाव ही सहारा रह जाएगा।










